पहली तिमाही में इफको किसान का पशु चारा कारोबार 30 फीसदी बढ़ा

इफको किसान संचार ने मवेशी चारा कारोबार के पहले तीन महीने पूरे होने पर अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया है, इस कारोबार में लगभग 30 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई हैं। इफको भारत की सबसे बड़ी सहकारी समितियों में से एक है, जिसका पूर्ण स्वामित्व भारतीय सहकारी समितियों के पास है

पहली तिमाही में इफको किसान का पशु चारा कारोबार 30 फीसदी बढ़ा

नई दिल्ली, 27 जुलाई, 2021

इफको किसान संचार ने मवेशी चारा कारोबार के पहले तीन महीने पुरे होने पर अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया हैं।  इस कारोबार में लगभग 30 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई है।  इफको भारत की सबसे बड़ी सहकारी समितियों में से एक है, जिसका पूर्ण स्वामित्व भारतीय सहकारी समितियों के पास है। 
मंगलवार को इफको किसान संचार ने मवेशी चारा कारोबार के पहले तीन महीने पूरे होने पर चारा बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही अप्रैल-जून के दौरान कंपनी ने 49.13 करोड़ रुपये के पशु आहार की बिक्री कर 29.73 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वही कंपनी ने पिछले साल 2019-20 में पहली तिमाही के दौरान 37.87 करोड़ रुपये के पशु आहार की बिक्री की थी।  नेशनल सेल्स हेड, गणेश दास ( इफको किसान संचार लिमिटेड) ने कहा कि ‘अप्रैल-जून 2021 के दौरान कोविड-19 की दूसरी लहर की वजह से बाजार में कठिन परिस्थितियों के बावजूद हमने पहली तिमाही में अपने पशु चारा व्यवसाय में एक सराहनीय वृद्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि जून में कारोबार शुरू हुआ क्योंकि कोरोनो वायरस के मामले घट रहे थे और कंपनी ने अकेले इसी महीने में 10,000  टन पशु चारा बेचा क्योंकि पशु चारा बिक्री में वृद्धि, उसके गुणवत्ता वाले पशु आहार के कारण और किसानों में जागरूकता बढ़ने की वजह से हुई है।
गणेश दास ने कहा कि इफको किसान पशु चारा उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ निर्मित किया जाता हैं जिसके परिणामस्वरूप ही कंपनी को देश भर के ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।  वित्त वर्ष 2020-21 में अपने संचालन के पहले पूर्ण वर्ष में कंपनी ने 160 करोड़ रुपये मूल्य का एक लाख टन पशु चारा बेचा था। वहीं इसके पहले वित्त वर्ष 2019-20 में प्रायोगिक आधार पर मिश्रित पशु चारा व्यवसाय में प्रवेश किया। यह इफको किसान के कुल कारोबार में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देता है और कंपनी के विकास का एक प्रमुख केंद्र है।
गणेश दास ने कहा कि “इफको किसान, किसानों के साथ मिलकर काम करते हुए कच्चा माल सीधे खेतों से प्राप्त करते है, जिस वजह से गुणवत्ता की जांच करना आसान हो जाता है,सभी गुणवत्ता की जांच हमारी स्वयं की प्रयोगशालाओं यानि की लैब में किया जाता हैं , गुणवत्ता आश्वासन के साथ ही किसान को उपज का उचित मूल्य मिलता है क्योंकि इसमें कोई बिचौलिया शामिल नहीं हैं , इफको किसान  गुणवत्ता वाले पशु चारे को उपलब्ध कराकर और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवा कर दोनों तरफ से किसानों को लाभ पहुँचता हैं साथ ही किसान समुदाय में गुणवत्तापूर्ण पशु आहार का उपयोग करने के लिए जागरूकता बढ़ रही है क्योंकि घटिया मिलावटी उत्पाद मवेशियों के स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है जबकि इफको किसान मवेशी चारा बेहतर पशु स्वास्थ्य और दूध की गुणवत्ता के लिए तैयार किया गया एक संतुलित आहार है।