क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन ने अपने फ्लैगशिप चारा बीज ‘‘डेयरी ग्रीन’’ को चार राज्यों, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश (पश्चिमी) और राजस्थान में प्रसार के साथ खरीफ 2026 सीजन के लिए अपने पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। इन राज्यों में चारा के तौर पर ज्वार, मक्का, बाजरा, बरसीम और लूसर्न जैसी फसलें अधिक उगाई जाती हैं।
क्रिस्टल क्रॉप का दावा है कि इसके सिंगल-कट हरित चारा हाईब्रिड, ‘‘डेयरी ग्रीन’’ को उच्च पैदावार देने वाले डेयरी पशुओं को पोषण देने के उद्देश्य से बनाया गया है। यह पौधों की आधुनिक प्रजनन तकनीक से विकसित किया गया है। यह लगातार उच्च बायोमास पैदावार, ज्यादा मात्रा में प्रोटीन और बेहतरीन स्वाद प्रदान करता है।
क्रिस्टल ‘‘डेयरी ग्रीन’’ के अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को अगली पीढ़ी के चारा बीज की पूरी श्रृंखला पेश करेगा, जो भिन्न-भिन्न कृषि जलवायु की जरूरतों को पूरा करेगी। इनमें ज़्यादा पैदावार देने वाला सूडान हाइब्रिड ज्वार SX17, SX17 सुपर और SX21 शामिल हैं। चारा SX17 का तना मजबूत होता है, मीडियम मैच्योरिटी और अच्छी री-ग्रोथ होती है। SX17 सुपर, SX17 का बेहतर वर्जन है जिसमें सूखे को सहने की क्षमता बेहतर होती है। SX21 देर से पकने वाली ज़्यादा बायोमास वाली किस्म है।
क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन के चीफ एग्ज़िक्यूटिव ऑफिसर - बीज, सत्येंदर सिंह ने कहा, ‘‘भारत में पशुधन सेक्टर एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आ गया है। हमारी चुनौती केवल दूध उत्पादन को लेकर नहीं है, बल्कि हरित चारे की क्वालिटी और उपलब्धता बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए हमने क्रिस्टल में बीजों का विकास करने में एक दशक से अधिक समय लगाया है। हमारी कोशिशों का सबसे बेहतर उत्पाद ‘‘डेयरी ग्रीन’’ है। यह एक ऐसा बीज है, जो प्रति एकड़ ज्यादा पोषण देता है, जिससे डेयरी किसान पशु आहार के कम खर्च में अधिक दूध का उत्पादन करने में समर्थ बनते हैं। खरीफ 2026 के लिए हमारे बढ़े हुए पोर्टफोलियो से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को हर स्थिति से निपटने के लिए सही टूल्स प्राप्त होंगे।’’