वैश्विक कृषि मशीनरी कंपनी जॉन डियर (John Deere) ने भारत में 5एम सीरीज का 130 एचपी ट्रैक्टर पेश किया है, जिसका उद्देश्य प्रिसिजन फार्मिंग को बढ़ावा देना और किसानों की उत्पादकता में सुधार करना है। कंपनी के अनुसार यह नया ट्रैक्टर उन्नत तकनीक और डिजिटल समाधान के साथ खेतों में अधिक दक्षता और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देगा।
कंपनी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि डियर एंड कंपनी (Deere & Company) कृषि, निर्माण और वानिकी क्षेत्रों में एक वैश्विक प्रौद्योगिकी अग्रणी कंपनी है, जो अपने ग्राहकों, चैनल पार्टनर्स, आपूर्तिकर्ताओं और कर्मचारियों की सफलता के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने दुनिया के कई देशों में इन क्षेत्रों में तकनीकी नवाचार के माध्यम से परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत में पिछले 27 वर्षों से अधिक समय से जॉन डियर किसानों के लिए तकनीकी रूप से उन्नत समाधान उपलब्ध कराती रही है, जिनका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, मृदा स्वास्थ्य की रक्षा करना, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। ये सभी टिकाऊ खेती के महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते हैं।
जॉन डियर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं कंट्री मैनेजर तथा कंस्ट्रक्शन एंड फॉरेस्ट्री वर्ल्डवाइड के अध्यक्ष के रणनीतिक सलाहकार राजेश सिन्हा ने कहा कि कंपनी की रणनीति का मुख्य आधार प्रिसिजन एग्रीकल्चर और डिजिटल समाधान का एकीकरण है, जिससे स्मार्ट कनेक्टेड मशीनों के माध्यम से किसान कम संसाधनों में अधिक उत्पादन कर सकें। सिन्हा ने यह भी कहा कि जॉन डियर का भारत में मजबूत आधार उसके वैश्विक संचालन के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिसमें आर एंड डी, इंजीनियरिंग, ग्लोबल आईटी, सप्लाई चेन, रोड कंस्ट्रक्शन, विनिर्माण और प्रतिभा विकास शामिल हैं।
बाएं से दाएंः जॉन डियर इंडिया के सेल्स और मार्केटिंग निदेशक रमाकांत गर्ग, जॉन डियर इंडिया के एमडी एवं कंट्री मैनेजर राजेश सिन्हा और मुकुल वार्ष्णेय रीजन-1 गवर्नमेंट अफेयर्स निदेशक।
इस अवसर पर जॉन डियर इंडिया के सेल्स और मार्केटिंग निदेशक रमाकांत गर्ग ने कहा कि कृषि विज्ञान की बदलती पद्धतियों के साथ उन्नत कृषि तकनीकों का तालमेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि कंपनी की पावर एंड टेक्नोलॉजी 7.0 पहल भविष्य की कृषि पद्धतियों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। गर्ग ने कहा कि जॉन डियर भारतीय बाजार के लिए तकनीकी रूप से उन्नत उत्पादों की पेशकश में अग्रणी रही है और आज के इस टेक्नोलॉजी कार्यक्रम के माध्यम से कंपनी इस परंपरा को आगे बढ़ाने पर गर्व करती है।
मुकुल वार्ष्णेय, रीजन-1 गवर्नमेंट अफेयर्स निदेशक, ने कहा कि वर्ष 2047 तक टिकाऊ विकास के लिए सरकार के लक्ष्यों को हासिल करने में जॉन डियर की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कहा कि कंपनी अकादमिक संस्थानों, शोध संस्थानों और उद्योग के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल देख रही है। इससे भारतीय किसानों को भविष्य में वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी और सक्षम बनने में मदद मिलेगी।
कंपनी का कहना है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप इनोवेशन को अपनाने की उसकी रणनीति भारत में सफलता का प्रमुख कारण रही है। इसी के चलते जॉन डियर भारत में निर्मित उत्पादों का 110 से अधिक देशों में निर्यात भी करता है।