विंग्स्योर ने कॉफी सेक्टर के लिए कृषि डेटा को इंटेलिजेंस में बदलने वाला COFFEA प्लेटफॉर्म लॉन्च किया

विंग्स्योर ने डीप-टेक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह खेत स्तर के कॉफी संबंधी डेटा को एकत्र और सत्यापित कर उसे दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले इंटेलिजेंस में बदलता है। एआई, कंप्यूटर विजन, जियोस्पेशियल एनालिटिक्स और स्मार्टफोन तकनीक के संयोजन से यह प्लेटफॉर्म सोर्सिंग, स्थिरता, बीमा और जोखिम संबंधी फैसलों में मदद करने के लिए तैयार किया गया है।

कृषि इंटेलिजेंस कंपनी विंग्स्योर ने Wingsure COFFEA लॉन्च किया है। यह एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है, जिसे कॉफी सेक्टर के लिए खेत स्तर के साक्ष्यों को एकत्र करने, सत्यापित करने और उन्हें दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले इंटेलिजेंस में बदलने के लिए तैयार किया गया है।
कंपनी का कहना है कि कॉफी उत्पादन को जलवायु, स्थिरता, सोर्सिंग और वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में खेत स्तर की विश्वसनीय जानकारी की जरूरत बढ़ रही है। वर्तमान में स्थिरता, सोर्सिंग, उत्पादन, वित्त और जोखिम के लिए खेतों का अक्सर अलग-अलग आकलन किया जाता है। इससे किसानों के लिए काम दोहरा होता है और कारोबार के लिए जानकारी अलग-अलग हिस्सों में बंटी रहती है।
Wingsure COFFEA किसानों को खेत पर सीधे साक्ष्य एकत्र करने में सक्षम बनाता है और लगातार विकसित होने वाला एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करता है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न कार्यक्रमों और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में दोबारा किया जा सकता है। यह प्लेटफॉर्म स्मार्टफोन आधारित ऑगमेंटेड रियलिटी कैप्चर, बहुभाषी वॉयस टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर विजन, जियोस्पेशियल एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक साथ जोड़ता है।
खेतों से जुटाए गए आंकड़ों को जियोटैग और टाइमस्टैम्प के साथ दर्ज किया जाता है तथा इन्हें ऑफलाइन भी एकत्र किया जा सकता है। अतिरिक्त संदर्भ उपलब्ध कराने के लिए सैटेलाइट और ड्रोन डेटा को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। विंग्स्योर के सह-संस्थापक और सीटीओ डॉ. बिक्रम सेनगुप्ता के अनुसार, इस व्यवस्था में प्रत्येक जानकारी को उस साक्ष्य से जोड़े रखा जाता है जिसे दर्ज किया गया है, साथ ही यह भी पता रहता है कि उसे कहां और कब रिकॉर्ड किया गया था।
विंग्स्योर के संस्थापक और सीईओ अवि बसु ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य अपनी डीप-टेक क्षमताओं को कृषि के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में लागू करना और खेत से बाजार तक जुड़े विभिन्न हितधारकों के लिए वैल्यू तैयार करना है। उन्होंने कहा कि खेतों को केवल समय-समय पर भरे जाने वाले फॉर्म या सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रणाली के रूप में समझने की जरूरत है।
इस प्लेटफॉर्म को कोलंबियन कॉफी ग्रोअर्स फेडरेशन (FNC) द्वारा भी इस्तेमाल किए जाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। FNC के तकनीकी प्रबंधक अल्वारो गैइतन ने कहा कि समय पर उपलब्ध खेत संबंधी इंटेलिजेंस कोलंबिया के कॉफी उत्पादकों और व्यापक कॉफी इकोसिस्टम की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस के प्रेसिडेंट - गवर्नमेंट एंड रूरल बिजनेस, मधुकर सिन्हा ने कहा कि खेत स्तर के सत्यापित साक्ष्य बीमा और व्यापक कृषि क्षेत्र में जोखिम आकलन तथा निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं।
इस प्लेटफॉर्म का लॉन्च जिनेवा में ग्लोबल कॉफी प्लेटफॉर्म की 10वीं वर्षगांठ और मॉन्ट्रो में स्विस कॉफी ट्रेड एसोसिएशन फोरम के साथ हुआ।