इफको ने वर्ष 2025–26 में दर्ज किया रिकॉर्ड लाभ और उत्कृष्ट समग्र प्रदर्शन

इफको ने वित्त वर्ष 2025–26 में Rs 4,106 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड कर-पूर्व लाभ दर्ज करते हुए उत्पादन और बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की।

विश्व की अग्रणी सहकारी उर्वरक संस्था इफको ने वित्त वर्ष 2025–26 में शानदार प्रदर्शन की घोषणा की है। इफको ने अब तक का सर्वाधिक, Rs 4,106 करोड़ से अधिक का अनुमानित कर-पूर्व लाभ (PBT) अर्जित करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। साथ ही, पारंपरिक एवं नैनो उर्वरकों के उत्पादन और बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

यह अभूतपूर्व लाभ न केवल इफको की वित्तीय सुदृढ़ता और परिचालन उत्कृष्टता को दर्शाता है, बल्कि किसानों के कल्याण एवं ग्रामीण समृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

उत्पादन प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान इफको ने कुल 90.62 लाख टन उर्वरकों का उत्पादन किया। इसमें 48.28 लाख टन यूरिया तथा 42.34 लाख टन एनपीके, डीएपी, डब्ल्यूएसएफ एवं विशेष उर्वरक शामिल हैं।

इफको के फूलपुर, आंवला और पारादीप संयंत्रों में रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया। साथ ही, पारादीप में बेहतर बंदरगाह संचालन के कारण लॉजिस्टिक्स दक्षता में भी वृद्धि हुई। मजबूत उत्पादन के चलते, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिली।

बिक्री प्रदर्शन

इफको ने वित्त वर्ष 2025–26 में 119.68 लाख टन उर्वरकों की कुल बिक्री की, जो देशभर में इसकी सुदृढ़ वितरण प्रणाली और बढ़ती मांग को दर्शाती है। पारंपरिक उर्वरकों की बिक्री 118.75 लाख टन पर मजबूत बनी रही।

वित्त वर्ष के दौरान नैनो उर्वरकों की कुल बिक्री 301 लाख बोतलों से अधिक रही। इसमें 221 लाख बोतल नैनो यूरिया प्लस लिक्विड और 64.89 लाख से अधिक बोतल नैनो डीएपी लिक्विड शामिल हैं। इस वर्ष नैनो जिंक और नैनो कॉपर की बिक्री की भी शुरुआत हुई।

पारंपरिक और नैनो उर्वरकों में यह संतुलित वृद्धि उत्पादकता और स्थिरता के प्रति इफको की दोहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही, कृषि में आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में किसानों का रुझान भी बढ़ रहा है।

नैनो उर्वरकों पर जोर

इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि हम ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को साकार कर रहे हैं। हमारी हर उपलब्धि केवल व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि किसानों की बेहतर सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने किसानों से नैनो उर्वरकों को अपनाने और सहकारिता की शक्ति का लाभ उठाने का आह्वान किया।

इफको के प्रबंध निदेशक के.जे. पटेल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय इफको परिवार और सहयोगी संस्थाओं को दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त उपक्रमों और सहयोगी संस्थाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।

नवाचार और आत्मनिर्भरता

इफको ने नैनो उर्वरकों, बायो-स्टिमुलेंट्स और उन्नत कृषि तकनीकों के माध्यम से आत्मनिर्भर कृषि को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। संस्था का मानना है कि इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और मृदा स्वास्थ्य में सुधार आएगा।

इसके तहत रासायनिक भार कम करने, पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

एग्री 2.0 की ओर अग्रसर

आगामी वित्त वर्ष 2026–27 के लिए इफको ने ‘एग्री 2.0’ का रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत नवाचार के विस्तार, वैश्विक सहयोग को मजबूत करने और कृषि मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

इफको ने स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकता केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण भी है। संस्था संतुलित पोषण, किफायती इनपुट्स और उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाने पर कार्य कर रही है।