अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने अमेरिकी एथेनॉल और अन्य फसल-आधारित जैव ईंधनों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों का विस्तार करने की चार-स्तरीय रणनीति शुरू की है। इसमें एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने, व्यापार बाधाओं को कम करने और अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार खोलने पर ध्यान दिया गया है।
अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस ने वॉशिंगटन डीसी में आयोजित एक सम्मेलन में अमेरिकन बायोफ्यूल्स ट्रेड आउटलुक पेश किया। यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब 2025 में अमेरिका का एथेनॉल निर्यात रिकॉर्ड 2.2 अरब गैलन तक पहुंच गया, जिसका मूल्य लगभग 4.7 अरब डॉलर रहा।
इस रणनीति में चार कदम उठाने की बात है। पहले कदम का उद्देश्य विदेशी बाजारों में सड़क परिवहन के लिए एथेनॉल मिश्रण बढ़ाना है। इसके तहत E10 पेट्रोल, जिसमें 10 प्रतिशत एथेनॉल होता है, को व्यापक रूप से अपनाने पर जोर दिया जाएगा। USDA लगभग 20 ऐसे देशों के साथ काम करने की योजना बना रहा है, जहां E10 नीतियां लागू हैं या उन पर विचार किया जा रहा है। लैटिन अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया को बाजार विस्तार के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। मैक्सिको और वियतनाम प्राथमिक बाजारों में शामिल हैं।
USDA उन देशों में भी एथेनॉल मिश्रण नीतियों के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने का प्रयास करेगा, जहां ऐसी नीतियां पहले से मौजूद हैं। USDA वियतनाम में अधिकारियों के साथ मिलकर मिश्रण संबंधी आवश्यकताओं को स्थापित या मजबूत करने की दिशा में काम करेगा, जबकि मैक्सिको में एथेनॉल की खपत बढ़ाने के लिए तकनीकी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
रणनीति के दूसरे कदम के तहत फसल-आधारित जैव ईंधनों पर दूसरे देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें यूरोपीय संघ विशेष है। USDA ने ईयू द्वारा कुल ईंधन उपयोग में फसल-आधारित जैव ईंधनों की 7 प्रतिशत सीमा को अमेरिकी उत्पादकों के लिए बाजार अवसरों में बाधा बताया है।
रोलिंस ने कहा कि यह आउटलुक “अब तक मिली ऐतिहासिक सफलता के आधार पर जैव ईंधन निर्यात के लिए आगे का रास्ता तय करता है।” उन्होंने कहा कि USDA सड़क परिवहन, विमानन और समुद्री ईंधन के क्षेत्रों में अमेरिकी जैव ईंधनों के लिए बाजार को अधिक खोलना चाहता है।
तीसरे कदम के तहत यूएसडीए के मार्केट एक्सेस प्रोग्राम और अमेरिका फर्स्ट ट्रेड प्रमोशन प्रोग्राम का इस्तेमाल नए बाजार विकसित करने के लिए किया जाएगा। USDA ने भारत, इंडोनेशिया और जापान को एशिया के ऐसे बाजारों के रूप में चिन्हित किया है, जहां दीर्घकालिक संभावनाएं हैं। पाकिस्तान और नाइजीरिया को भी उभरते अवसरों वाले बाजारों में शामिल किया गया है।
चौथे कदम के तहत अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) और अंतरराष्ट्रीय मैरिटाइम संगठन (IMO) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाया जाएगा, ताकि विमानन और समुद्री परिवहन में जैव ईंधनों के इस्तेमाल के अवसर बढ़ाए जा सकें।
यह रणनीति अमेरिकी कृषि बाजार से भी सीधे जुड़ी है, क्योंकि एथेनॉल निर्यात बढ़ने से मक्का और अन्य कृषि फीडस्टॉक की मांग बढ़ सकती है। यूएसडीए के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में अमेरिकी मक्का के कुल उपयोग में ईंधन एथेनॉल की हिस्सेदारी 36 प्रतिशत रही, जबकि एथेनॉल निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।