फैक्ट शीट की भाषा थोड़ी नरम करते हुए इसे 7 फरवरी को जारी साझा बयान के अनुरूप बनाया गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर जारी आधिकारिक फैक्ट शीट में व्हाइट हाउस ने कई अहम बदलाव किए गये हैं। पहले फैक्ट शीट में जिन उत्पादों का उल्लेख था, उनमें से कुछ को बाद में हटा दिया और भाषा को नरम किया गया है। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में दालों को शामिल करने पर विपक्षी दल और किसान संगठन सवाल उठा रहे थे। इसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो रहा था।
मूल फैक्ट शीट में “certain pulses” यानी कुछ दालों पर भारत द्वारा टैरिफ घटाने का उल्लेख था। दालों को लाल ज्वार, ट्री नट्स, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स जैसे उत्पादों के साथ शामिल किया गया था। लेकिन संशोधित दस्तावेज में दालों का जिक्र हटा दिया गया।
भारत दुनिया में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। यह मुद्दा दलहन किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है।
“Committed” की बजाय “Intends”
एक और अहम बदलाव उत्पाद खरीद से जुड़ा है। भारत द्वारा 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पादों की खरीद के लिए “committed” की बजाय “intends” यानी “इरादा” शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
साथ ही, उत्पादों की सूची से “agricultural” शब्द भी हटा दिया गया। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से इन संशोधनों को लेकर कोई बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ये बदलाव चुपचाप कर दिए गए।
संभवतः भारत की ओर से फैक्ट शीट को लेकर आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद इसमें बदलाव किया गया और भाषा भी सुधारी गई। इससे यह भी संकेत मिलता है कि अंतरिम समझौते पर बातचीत जारी है और इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।