आगामी सीजन में एथनॉल उत्पादन 35 फीसदी बढ़ने का अनुमान

पेट्रोल में दस फीसदी एथनॉल ब्लैंडिंग के लक्ष्य आगामी शुगर सीजन (2021-22) में एथनॉल का उत्पादन 35 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इस साल (2020-21) के 3300 करोड़ लीटर के मुकाबले अगले सीजन (2021-22) में 4500 करोड़ लीटर एथनॉल उत्पादन का लक्ष्य है

पेट्रोल में दस फीसदी एथनॉल ब्लैंडिंग के लक्ष्य आगामी शुगर सीजन (2021-22) में एथनॉल का उत्पादन 35 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इस साल (2020-21) के 3300 करोड़ लीटर के मुकाबले अगले सीजन (2021-22) में 4500 करोड़ लीटर एथनॉल उत्पादन का लक्ष्य है। चीनी उद्योग के संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा)  ने यह जानकारी दी है। सीधे गन्ने के जूस और मोलेसेज से एथनॉल उत्पादन करने की स्थिति में करीब 13 लाख टन चीनी के उत्पादन की मात्रा का इस्तेमाल एथनॉल  बनाने के लिए किया जाएगा ।  

 

इस्मा का कहना है कि सीधे गन्ने के जूस और मोलेसेज को एथनॉल में तब्दील करने के वजह से चीनी उत्पादन में होने वाली कमी चालू सीजन  21 लाख टन के मुकाबले अगले सीजन में 34 लाख टन तक जा सकती है। हालांकि एक स्पष्ट तस्वीर तभी उभर के आ सकेगी जब अक्टूबर के आसपास ऑयल मार्केटिंग  कंपननायां टेंडर जारी करेंगी औऱ चीनी मिलें एथनॉल सप्लाई के लिए बोली लगाएंगी ।

मौजूदा सीजन में जुलाई 5 तक 3330 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति को चुकी है। जिसमें से करीबन 2300 करोड़ इथेनॉल का उत्पादन गन्ने के रस औऱ मोलेसेज से हुआ है। इसमें से 21 लाख टन एथनॉल   चीनी से  बना  है।

एथनॉल की उच्च उत्पादन क्षमता और अगले  सीजन में गन्ने के बेहतर उत्पादन के अनुमान के चलते इस बात की उम्मीद की जा  सकती  है  कि  अगले साल और ज्यादा मात्रा में सीधे गन्ने के जूस और मोलेसेज को एथनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।   

इस्मा के  अनुसार  अधिक मात्रा  में गन्ना से एथनॉल बनाने के  कारण  भारत  का  घरेलू चीनी उत्पादन 2021-22 सीजन मे  310 लाख टन होने का अनुमान  है जो इस साल के चीनी उत्पादन के आसपास ही है  ।इस अनुमान को  सामान्य मानसून और अनुकूल परिस्थियों को  देखकर बनाया गया  था। इस्मा का कहना है कि वह जुलाई से सितंबर की बारिश, जलाशयों मे पानी की स्थिति और सितंबर–अक्टूबर की सैटेलाइट तस्वीरों को देखकर 2021-22 सीजन के लिए पहला अग्रिम अनुमान अक्टूबर में जारी करेगी ।

पिछले महीने मिली सेटेलाइट तस्वीरों के अनुसार देश में इस सीजन में 54 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल पर गन्ने की खेती की गयी है जो पिछले साल 2020-21की तुलना में तीन फीसदी ज्यादा है।

उत्तर प्रदेश में 23 लाख हैक्टेयर पर गन्ने की होने का अनुमान है जो पिछले साल के बराबर ही है।  इस्मा ने  चीनी की रिकवरी और उपज में हल्की बढोत्तरी का अनुमान लगाया है। इस प्रकार इस साल चीनी उत्पादन 310 लाख टन रहने का अनुमान है। 

महाराष्ट्र का गन्ने का क्षेत्रफल पिछले साल के 11.5 लाख हैक्टेयर से बढ़कर इस साल 12.8 लाख हैक्टेयर होने का अनुमान है। जलाशय में भी पानी समान्य स्तर से अधिक है। अगर सीधे गन्ने के रस से एथनॉल उत्पानद नहीं किया जाए तो चीनी का उत्पादन 21.3 लाख टन अधिक होने का अनुमान है।

चालू सीजन में 307 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका जबकि तमिलनाड़  और कर्नाटक में सितम्बर -अक्टूबर में होने वाली अच्छी वर्षा से होने वाले चीनी उत्पादन से कुल घरेलू चीनी उत्पादन 3.09 करोड़ टन पहुंच जाएगा।