चीनी मिलों को 15 नवंबर तक तय कोटे से अधिक चीनी बेचने की अनुमति, 13.60 लाख टन की अतिरिक्त मात्रा आवंटित

केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को 15 नवंबर 2026 तक बनाई गई चीनी को नवंबर के पहले पखवाड़े में बेचने की अनुमति दी है। यह बिक्री मिलों को नवंबर के पहले पखवाड़े (1 से 15 तारीख) के लिए मिले निर्धारित बिक्री कोटे के अतिरिक्त होगी।

केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चीनी मिलों को 15 नवंबर तक उनके तय कोटे के अतिरिक्त चीनी खुले बाजार में बेचने की अनुमति दी है। इसके तहत अक्टूबर में पेराई शुरू कर चुकी चीनी मिलें अक्टूबर में उत्पादित चीनी को नवंबर में बेच सकेंगी।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने 30 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, नवंबर में पेराई शुरू करने वाली और अक्टूबर में ही पेराई शुरू कर चुकी दोनों श्रेणियों की मिलों को यह सुविधा दी गई है। सरकार ने इसके लिए मिलवार कोटा निर्धारित कियाहै।

आदेश में कुल 13.60 लाख टन चीनी की मात्रा निर्धारित की गई है। यह मात्रा नवंबर के पहले पखवाड़े में घरेलू बाजार में बिक्री और डिस्पैच के लिए जारी मिलवार सूची में शामिल है।

महाराष्ट्र, यूपी और कर्नाटक की मिलों को सबसे ज्यादा मात्रा

सरकार के आदेश में देशभर की चीनी मिलों के लिए मिलवार बिक्री योग्य मात्रा का विवरण दिया गया है। राज्यवार आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक की मिलों को सबसे अधिक मात्रा आवंटित की गई है।

राज्य

निर्धारित मात्रा

महाराष्ट्र

4.77 लाख टन

उत्तर प्रदेश

4.17 लाख टन

कर्नाटक

2.63 लाख टन

गुजरात

42,408 टन

बिहार

19,725 टन

हरियाणा

9,559 टन

मध्य प्रदेश

6,591 टन

तमिलनाडु

35,526 टन

पंजाब

4,309 टन

उत्तराखंड

13,967 टन

स्रोत: खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग का 30 अक्टूबर का आदेश।

बिक्री की गणना के लिए इनवॉयस जारी होना जरूरी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि मिलों से बेची गई चीनी को बिक्री से 7 दिनों के अंदर डिस्पैच करना होगा। चीनी की बिक्री का मतलब बिक्री इनवॉयस (Sale Invoice) जारी करना होगा। इनवॉयस में दर्ज मात्रा को ही बेची गई चीनी माना जाएगा। मिलों को नवंबर के पहले पखवाड़े में उत्पादित और डिस्पैच की गई चीनी का पूरा विवरण 18 नवंबर 2026 तक निर्धारित ऑनलाइन लिंक पर जमा करना होगा।

सरकार ने मिलों को अपने डीलरों का पंजीकरण सुनिश्चित करने और प्रत्येक पखवाड़े में चीनी स्टॉक की स्थिति नियमित रूप से घोषित करने को भी कहा है। आदेश के अनुपालन में किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

चीनी मिलों को राहत देने की कोशिश

नए पेराई सीजन 2026-27 में चीनी मिलों को समय से पहले 15 अक्टूबर के आसपास चलाने की योजना थी। लेकिन देश के कई क्षेत्रों में बारिश और अन्य कारणों से चीनी मिलों में पेराई शुरू होने में विलंब हो रहा है। ऐसे में अक्टूबर में उत्पादित चीनी को नवंबर में बेचने की अनुमति मिलने से मिलों को अपनी ताजा उत्पादन मात्रा बाजार में उतारने की अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।