कोल गैसीफिकेशन आधारित अमोनिया-यूरिया संयंत्र के लिए CIL और HURL के बीच एमओयू, सिंदरी में लगेगा प्लांट

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और HURL ने झारखंड के सिंदरी में कोल गैसीफिकेशन आधारित अमोनिया-यूरिया संयंत्र की स्थापना की संभावना तलाशने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। परियोजना का उद्देश्य घरेलू कोयले से उर्वरक उत्पादन बढ़ाकर ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता मजबूत करना है।

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) ने झारखंड स्थित HURL की सिंदरी इकाई में कोल गैसीफिकेशन आधारित अमोनिया-यूरिया संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाशने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

प्रस्तावित पहल के तहत भारत के घरेलू कोयला संसाधनों का उपयोग कोल गैसीफिकेशन तकनीक के माध्यम से किया जाएगा। इस प्रक्रिया से सिंथेसिस गैस का उत्पादन किया जाएगा, जिसका आगे अमोनिया और यूरिया के उत्पादन में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस सहयोग में CIL की कोयला क्षेत्र की व्यापक विशेषज्ञता और HURL के बड़े पैमाने पर अमोनिया-यूरिया उर्वरक संयंत्रों के संचालन के अनुभव को एक साथ लाया गया है।

MoU पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। इनमें CIL के निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट), HURL के वाइस चेयरमैन एवं CIL के कार्यकारी निदेशक, HURL के प्रबंध निदेशक, डॉ. सिबा प्रसाद मोहंती तथा CIL और HURL के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

प्रस्तावित सहयोग उर्वरक उत्पादन के लिए वैकल्पिक और नए फीडस्टॉक के विकल्पों की संभावनाएं तलाशने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। घरेलू कोयला संसाधनों का उपयोग करके यह पहल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, ऊर्जा सुरक्षा और उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता में योगदान देने का प्रयास करेगी। साथ ही, आयातित उर्वरकों और प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करने के विकल्प भी तलाशे जाएंगे।

कोयला उत्पादन में CIL की क्षमता और अमोनिया-यूरिया बनाने में HURL की विशेषज्ञता को देखते हुए यह सहयोग दोनों संस्थानों के लिए पूरक क्षमताओं को एक मंच पर लाने वाला है। साथ ही, यह टिकाऊ और आत्मनिर्भर उर्वरक उत्पादन के लिए एक नए विकल्प की संभावनाएं तलाशने का अवसर प्रदान करता है।