सरकार ने ग्लूफोसिनेट पर न्यूनतम आयात मूल्य की अवधि अप्रैल 2027 तक बढ़ाई

केंद्र सरकार ने ग्लूफोसिनेट और इसके सॉल्ट पर न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) की शर्त 12 अप्रैल 2027 तक बढ़ा दी है। एंटी-डंपिंग शुल्क सहित 1,154 रुपये प्रति किलोग्राम से कम मूल्य वाले आयात प्रतिबंधित रहेंगे। अन्य नियामकीय और पंजीकरण संबंधी शर्तें भी जारी रहेंगी।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने ग्लूफोसिनेट और इसके सॉल्ट के आयात पर न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) की शर्त 12 अप्रैल 2027 तक बढ़ा दी है। इस कदम का उद्देश्य आयात को नियंत्रित करना और कम कीमत पर विदेश से आने वाली आपूर्ति से घरेलू एग्रो-केमिकल उद्योग को संरक्षण देना है।
12 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना संख्या 43/2026-27 के अनुसार, इस विस्तार के तहत 13 अप्रैल 2026 को अधिसूचना संख्या 10/2026-27 के माध्यम से लागू की गई शर्तें और प्रावधान बरकरार रखे गए हैं। नवीनतम अधिसूचना वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन DGFT ने जारी की है।
नीति के तहत, ग्लूफोसिनेट और इसके सॉल्ट का कुल लागत, बीमा और माल ढुलाई (CIF) मूल्य तथा एंटी-डंपिंग शुल्क मिलाकर 1,154 रुपये प्रति किलोग्राम से कम होगा, तो इसका आयात ‘प्रतिबंधित’ (Restricted) श्रेणी में आएगा। इस निर्धारित सीमा के बराबर या उससे अधिक मूल्य पर होने वाला आयात ‘मुक्त’ (Free) श्रेणी में रहेगा। हालांकि वैधानिक शर्तें लागू रहेंगी।
आयातकों को मौजूदा रेगुलेटरी शर्तों का भी पालन करना होगा। इनमें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड एवं पंजीकरण समिति (CIB&RC) से वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करना शामिल है। कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत प्रतिबंधित उत्पादों का आयात इस प्रावधान के अंतर्गत नहीं किया जा सकता।
ग्लूफोसिनेट एक व्यापक प्रभाव वाला खरपतवारनाशक है, जिसका उपयोग कृषि में खरपतवार नियंत्रण के लिए किया जाता है। न्यूनतम आयात मूल्य की शर्त जारी रखने का उद्देश्य आयात को नियंत्रित करना और निर्धारित मूल्य सीमा से कम कीमत पर आने वाली आपूर्ति को प्रतिबंधित करके घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक अनुकूल परिस्थितियां बनाए रखना है।