सरकार ने जारी किए बागवानी के अनुमान, उत्पादन 3708 लाख टन को पार करने की उम्मीद

वर्ष 2025-26 के प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार, बागवानी फसलों का क्षेत्रफल लगभग 301.31 लाख हेक्टेयर और उत्पादन लगभग 3708.46 लाख टन होने की उम्मीद है, जो 2024-25 (अंतिम अनुमान) से 1.09 लाख टन अधिक है। कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंजूरी के बाद सोमवार को ये आंकड़े जारी किए गए।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के लिए बागवानी के पहले अग्रिम अनुमान और पिछले वर्षों के अंतिम अनुमान जारी किए हैं। इसके मुताबिक देश में कुल बागवानी फसलों का क्षेत्रफल वर्ष 2023-24 (अंतिम) के 290.86 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 (अंतिम अनुमान) में 301.36 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसमें 10.50 लाख हेक्टेयर यानी 3.61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल बागवानी उत्पादन भी इसी अवधि में 3547.44 लाख टन से बढ़कर 3707.38 लाख टन पहुंच गया है। वर्ष 2025-26 के प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार, बागवानी फसलों का क्षेत्रफल लगभग 301.31 लाख हेक्टेयर और उत्पादन लगभग 3708.46 लाख टन होने की उम्मीद है, जो 2024-25 (अंतिम अनुमान) से 1.09 लाख टन अधिक है। कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंजूरी के बाद सोमवार को ये आंकड़े जारी किए गए।

2025-26 में फलों का उत्पादन 1186.80 लाख टन होने की उम्मीद

वर्ष 2024-25 में फलों का उत्पादन 2023-24 के 1129.78 लाख टन की तुलना में 4.13 प्रतिशत (46.71 लाख टन) बढ़कर 1176.49 लाख टन रहा है। यह वृद्धि मुख्य रूप से केला, आम, मंदारिन, पपीता, अमरूद, तरबूज और कटहल के उत्पादन में तेज़ी के कारण दर्ज की गई है। सब्ज़ियों का उत्पादन 2023-24 के 2072.08 लाख टन से 5.11 प्रतिशत (105.89 लाख टन) बढ़कर 2024-25 में 2177.97 लाख टन होने का अनुमान है। प्याज, आलू, हरी मिर्च, फूलगोभी, पत्ता गोभी, बैंगन, भिंडी, मटर, कद्दू/सीताफल, लौकी, करेला, खीरा, टैपिओका, शकरकंद, मूली तथा शिमला मिर्च के उत्पादन में वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2025-26 में फलों का उत्पादन 1176.49 लाख टन से 10.31 लाख टन (0.88 प्रतिशत) बढ़कर 1186.80 लाख टन होने की उम्मीद है, जबकि सब्ज़ियों का उत्पादन लगभग 2161.60 लाख टन अनुमानित है। इस वर्ष टमाटर, मटर, टैपिओका, हरी मिर्च तथा कद्दू/सीताफल के उत्पादन में वृद्धि का रुझान दिखाई दे रहा है। 

टमाटर उत्पादन 227.02 लाख टन पहुंचने की संभावना

प्याज का रकबा वर्ष 2023-24 के 15.41 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 19.68 लाख हेक्टेयर हो गया है, यानी 4.27 लाख हेक्टेयर (27.74 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई है। प्याज का उत्पादन वर्ष 2024-25 में 307.67 लाख टन अनुमानित है, जो 2023-24 के 242.67 लाख टन की तुलना में 65 लाख टन (26.79 प्रतिशत) अधिक है। वर्ष 2024-25 में आलू का उत्पादन 570.53 लाख टन से 15.18 लाख टन (2.66 प्रतिशत) बढ़कर 585.71 लाख टन होने का अनुमान है। वर्ष 2025-26 में आलू का उत्पादन लगभग 584.47 लाख टन रहने की संभावना है। टमाटर का उत्पादन वर्ष 2023-24 के 213.23 लाख टन की तुलना में 2024-25 में 205.99 लाख टन अनुमानित है, जबकि 2025-26 में टमाटर का उत्पादन तेजी से बढ़कर लगभग 227.02 लाख टन पहुँचने की संभावना है। 

फूल उत्पादन 41.65 लाख टन होने के आसार

सुगंधित एवं औषधीय पौधों के क्षेत्रफल में वर्ष 2023-24 की तुलना में 6.13 प्रतिशत (0.57 लाख हेक्टेयर) की वृद्धि अनुमानित है, यानी यह 9.26 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 9.83 लाख हेक्टेयर हो गया है। इन पौधों का उत्पादन 2023-24 के 7.26 लाख टन की तुलना में 2024-25 में लगभग 9.01 लाख टन अनुमानित है, जबकि 2025-26 में यह बढ़कर 9.03 लाख टन होने की संभावना है। फूलों का क्षेत्रफल 2023-24 के 3.17 लाख हेक्टेयर से 25.24 प्रतिशत (0.80 लाख हेक्टेयर) की तेज़ वृद्धि के साथ 2024-25 में 3.97 लाख हेक्टेयर हो गया है और फूलों के उत्पादन में 20.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अनुमान है कि 2024-25 में फूलों का उत्पादन 35.35 लाख टन से बढ़कर 42.65 लाख टन तक पहुँचा है, जबकि 2025-26 में फूलों का उत्पादन लगभग 41.65 लाख टन होने की संभावना है। 

मसाला उत्पादन 128 लाख टन को पार करने की उम्मीद

मसालों की खेती का क्षेत्रफल 2023-24 के 50.24 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 50.93 लाख हेक्टेयर (1.38 प्रतिशत या 0.69 लाख हेक्टेयर वृद्धि) अनुमानित है और मसालों का उत्पादन 124.84 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 129.93 लाख टन (4.08 प्रतिशत वृद्धि) तक पहुँच गया है। वर्ष 2025-26 में मसालों का कुल उत्पादन लगभग 128.18 लाख टन होने की उम्मीद है। जीरा, अदरक, लहसुन और हल्दी के क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों में ही उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं 2025-26 में लहसुन, हल्दी और इलायची के उत्पादन में भी बढ़ोतरी का अनुमान है। 

रोपण फसलों का उत्पादन 2023-24 में 176.66 लाख टन था, जो 2024-25 के दौरान 169.81 लाख टन होने का अनुमान है। वर्ष 2025-26 में रोपण फसलों का क्षेत्रफल और उत्पादन वर्ष 2024-25 की तुलना में क्रमशः 1.61 प्रतिशत और 5.82 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार 2025-26 में रोपण फसलों का क्षेत्रफल लगभग 46.59 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन लगभग 179.68 लाख टन होने की संभावना है। 

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बागवानी क्षेत्र आज किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और कृषि निर्यात को आगे बढ़ाने का एक मज़बूत आधार बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर क्षेत्र के किसान फलों, सब्ज़ियों, मसालों, फूलों व औषधीय फसलों के जरिए बेहतर और स्थायी आमदनी प्राप्त कर सकें।