15,000 करोड़ के निवेश वादों के साथ IBET एक्सपो 2026 संपन्न; बायो एनर्जी हब के रूप में उभरा यूपी

ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक एक्सपो (IBET Expo 2026) का समापन करीब 15,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वादों और समझौतों के साथ हुआ। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए उत्तर प्रदेश बायो एनर्जी के हब के तौर पर उभर रहा है।

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो (IBET) 2026 का गुरुवार को समापन करीब 15,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वादों और समझौता ज्ञापनों (MoU) के साथ हुआ। एक्सपो में हुए निवेश समझौते भारत के तेजी से बढ़ते बायोएनर्जी क्षेत्र और इसमें उत्तर प्रदेश की मजबूत होती स्थिति को दर्शाते हैं।

इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी (IFGE) और उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (UPNEDA) द्वारा आयोजित इस एक्सपो में नीति-निर्माताओं, निवेशकों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, उद्यमियों और किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), इथेनॉल, बायोमास, बायोडीजल, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायो-मोबिलिटी और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे क्षेत्रों में निवेश और कारोबारी अवसरों पर चर्चा हुई।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

एक्सपो के अंतिम दिन ‘हरित ऊर्जा के क्षेत्र में किसानों की आय के अवसर’ विषय पर दो विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें कई राज्यों से आए किसानों के साथ नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और तकनीकी विशेषज्ञों ने फसल अवशेषों को स्वच्छ ऊर्जा में बदलने तथा किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करने की संभावनाओं पर चर्चा की।

सत्रों में मजबूत फीडस्टॉक सप्लाई चेन विकसित करने, किसानों और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बायोएनर्जी आधारित व्यावहारिक और टिकाऊ मॉडल तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया गया।

किसानों के सत्र को संबोधित करते हुए यूपी गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि किसान गौ-आधारित पशुपालन के जरिए जैव ऊर्जा उत्पादन से जुड़कर अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं। इससे देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

यूपी में CBG क्षेत्र में 3,500 करोड़ का निवेश

एक्सपो के दौरान उत्तर प्रदेश में बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ए.के. शर्मा ने CBG की क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने, गांवों में रोजगार पैदा करने और कृषि अवशेषों को उत्पादक आर्थिक संपत्ति में बदलने में मदद मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के अनुसार, उत्तर प्रदेश के CBG क्षेत्र में अब तक करीब 3,500 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। इससे लगभग 25,000 रोजगार पैदा हुए हैं। राज्य में आने वाले समय में 70-80 और CBG प्लांट लगाए जाने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

बायोएनर्जी क्षेत्र में बढ़ती संभावनाएं

IFGE के महानिदेशक संजय गंजू ने कहा कि भारत में बायोएनर्जी का अवसर अब केवल नीतिगत लक्ष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक निवेश और कारोबार के अवसर के रूप में सामने आ रहा है।

उन्होंने कहा कि सही नीतिगत समर्थन, तकनीक और उद्योग की भागीदारी के साथ बायोएनर्जी भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने और किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक्सपो में सामने आए निवेश प्रस्ताव इस बात का संकेत देते हैं कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, ग्रामीण विकास और ऊर्जा सुरक्षा में बायोएनर्जी की भूमिका आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है।