केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि अप्रैल महीने के लिए देश के पास 163 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है। यह पिछले वर्ष के 128.54 लाख टन की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने दावा किया कि खरीफ मौसम के लिए पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सरकार आगामी रबी मौसम के लिए उर्वरक विभाग की प्रभावी तैयारी सुनिश्चित करने के लिए अनुपूरक मांगों के माध्यम से पहले से ही प्रावधान कर रही है।
बजट 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों पर चर्चा के दौरान सदन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार दूसरी अनुपूरक मांगों में उर्वरक सब्सिडी के लिए मूल बजट अनुमान से लगभग 19,000 करोड़ रुपए अधिक खर्च कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का ध्यान आवश्यक आयात के साथ-साथ देश में उर्वरक उत्पादन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित है। घरेलू यूरिया उत्पादन में लगातार वृद्धि देखी गई है, जो 2014-15 के 225 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 306.67 लाख मीट्रिक टन हो गया है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता को और बढ़ावा देने के लिए पहले ही छह नई उत्पादन इकाइयां चालू कर दी हैं। इन इकाइयों में से प्रत्येक की औसत वार्षिक क्षमता 12.7 लाख मीट्रिक टन है और इन्होंने सामूहिक रूप से देश की यूरिया उत्पादन क्षमता में 76.2 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि की है। इसके अतिरिक्त, 2015 की नई यूरिया नीति के तहत ओडिशा और असम में दो नए संयंत्रों पर काम चल रहा है, जिनके चालू होने के बाद यूरिया उत्पादन में प्रतिवर्ष 25.4 लाख मीट्रिक टन और वृद्धि होने की उम्मीद है। नए संयंत्रों के अलावा, सरकार कृषि मांगों को पूरा करने के लिए मौजूदा संयंत्रों की क्षमता का भी विस्तार कर रही है।