काउंसिल फॉर एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CAST) ने मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड नेचुरल रिसोर्सेज (CANR) में प्रोफेसर, एसोसिएट डीन और वर्ल्ड एग्रीकल्चर सेंटर के निदेशक डॉ. करीमभाई एम. मरेडिया को 2026 के बोरलॉग CAST कम्युनिकेशन अवॉर्ड (BCCA) के लिए चुना है। यह पुरस्कार 10 दिसंबर 2026 को वाशिंगटन डी.सी. स्थित लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।
BCCA ऐसे वैज्ञानिक को सम्मानित करता है, जिन्होंने कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े जटिल विषयों को सामान्य लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में असाधारण क्षमता दिखाई हो। इस पुरस्कार का नाम नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और हरित क्रांति के जनक डॉ. नॉर्मन ई. बोरलॉग के सम्मान में रखा गया है।
डेयरी किसान के बेटे डॉ. मरेडिया का जन्म गुजरात के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने 1989 में मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी (MSU) में काम शुरू किया। इससे पहले वह मेक्सिको स्थित इंटरनेशनल मेज एंड व्हीट इम्प्रूवमेंट सेंटर (CIMMYT) में रिसर्च साइंटिस्ट के रूप में काम कर चुके थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कृषि क्षेत्र में विज्ञान संचार के सबसे व्यापक कार्यक्रमों में से एक के निर्माण में 35 वर्षों से अधिक समय दिया है। वर्ल्ड नॉलेज एंड टेक्नोलॉजी एक्सेस प्रोग्राम (WorldTAP) के निदेशक के रूप में उन्होंने 60 से अधिक देशों की यात्रा की है और वैश्विक कृषि समुदाय तक ज्ञान, सूचनाएं तथा नई तकनीक पहुंचाई हैं।
उनके शोध कार्यों में 130 शोध पत्र, नीति संबंधी दस्तावेज और पुस्तक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत कीट प्रबंधन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और कृषि विस्तार से संबंधित आठ पुस्तकों का सह-संपादन किया है। उनके कार्यों को USAID, USDA, संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), विश्व बैंक, रॉकफेलर फाउंडेशन, विनरॉक इंटरनेशनल और गेट्स फाउंडेशन सहित कई संस्थाओं का समर्थन मिला है।
CAST के CEO क्रिस बूम्समा ने कहा कि बोरलॉग CAST कम्युनिकेशन अवॉर्ड ऐसे वैज्ञानिकों को सम्मानित करता है, जो मानते हैं कि अनुसंधान तभी अपना उद्देश्य पूरा करता है जब वह उन लोगों तक पहुंचे, जिनके लिए वह किया गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. मरेडिया का करियर बड़े पैमाने पर और सीमाओं के पार प्रभावी विज्ञान संचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड नेचुरल रिसोर्सेज के एसोसिएट प्रोवोस्ट और डीन मैथ्यू डॉम ने डॉ. मरेडिया को अंतरराष्ट्रीय कृषि समुदाय का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि मरेडिया किसानों और दुनिया भर के वैज्ञानिकों की सेवा में अपना पूरा करियर समर्पित करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले कृषि अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
पुरस्कार के लिए चुने जाने पर डॉ. मरेडिया ने इसे अपने लिए बड़े सम्मान का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों को नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार साझेदारी, सहयोग और साझा दृष्टिकोण की शक्ति को भी सम्मानित करता है। उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से खाद्य-सुरक्षित दुनिया बनाने और विज्ञान तथा समाज के बीच प्रभावी संचार की भूमिका पर जोर दिया।
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एमेरिटस और 2026 BCCA के लिए डॉ. मरेडिया के नामांकनकर्ता रसेल फ्रीड ने कहा कि वह डॉ. बोरलॉग की भावना का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। उनके अनुसार, मरेडिया यह सुनिश्चित करते हैं कि वैज्ञानिक ज्ञान केवल प्रयोगशालाओं और अकादमिक पत्रिकाओं तक सीमित न रहे, बल्कि उन लोगों तक पहुंचे जो इसका इस्तेमाल जीवन और आजीविका में सुधार के लिए कर सकते हैं।
डॉ. मरेडिया 2017 से अफ्रीकी संघ के हाई-लेवल पैनल ऑन इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज के सदस्य हैं। उन्हें 2023 में भारत की नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (NAAS) का फेलो चुना गया और वर्तमान में वह इसके फॉरेन सेक्रेटरी हैं। वे 2025 में नैरोबी स्थित अफ्रीकन एकेडमी ऑफ साइंसेज (AAS) के फेलो भी चुने गए। उन्हें 2009 में लीमा, पेरू स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ रिकार्डो पाल्मा ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी प्रदान की थी।
पुरस्कार के बारे में
बोरलॉग CAST कम्युनिकेशन अवॉर्ड हर वर्ष CAST द्वारा ऐसे वैज्ञानिक को दिया जाता है, जिसने जटिल कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े विषयों को गैर-तकनीकी दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की असाधारण क्षमता दिखाई हो। यह पुरस्कार डॉ. नॉर्मन ई. बोरलॉग के सम्मान में प्रदान किया जाता है। बोरलॉग ने 10 दिसंबर 1970 को नोबेल शांति पुरस्कार स्वीकार किया था और इसी तारीख की स्मृति में हर वर्ष BCCA पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाता है।