फिर सुस्त हुई खरीफ की बुवाई; पिछले साल की तुलना में रकबा 1.73 प्रतिशत कम, धान भी 3.35 प्रतिशत पीछे

28 अगस्त तक देश में खरीफ फसलों की बुवाई 1071.10 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले साल से 18.91 लाख हेक्टेयर कम है। सप्ताहभर में कुल रकबा 14.40 लाख हेक्टेयर बढ़ा, लेकिन धान, मोटे अनाज और तिलहन की बुवाई में कमी का अंतर बढ़ा है।

पिछले एक सप्ताह में खरीफ फसलों की बुवाई की गति धीमी पड़ गई है। हफ्ते भर में कुल रकबा 14.40 लाख हेक्टेयर बढ़ा है, लेकिन कृषि मंत्रालय के उपज (UPAJ) पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पिछले साल की तुलना में धान के साथ-साथ कुल खरीफ के रकबे के अंतर में वृद्धि हुई है। 

बीते वर्ष की तुलना में खरीफ की सभी फसलों का बुवाई क्षेत्र 1.73 प्रतिशत कम है, जबकि सप्ताह भर पहले यह अंतर 1.50 प्रतिशत था। खरीफ 2025-26 में 28 अगस्त तक 1090.01 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी, जो इस वर्ष 1071.10 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है। इस तरह पिछले साल की तुलना में खरीफ की बुवाई 18.91 लाख हेक्टेयर पीछे है। खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की खेती औसतन 1104.25 लाख हेक्टेयर में होती रही है।

धानः बीते वर्ष की तुलना में धान का रकबा 3.35 प्रतिशत कम है, जबकि सप्ताह भर पहले यह अंतर 3.15 प्रतिशत था। अभी तक धान की बुवाई 414.10 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल 428.46 लाख हेक्टेयर थी। हालांकि यह 412 लाख हेक्टेयर के औसत से अधिक है।

दलहनः दालों में कुलथी, मूंग व अन्य दलहन का रकबा फिलहाल पिछले साल से कम है, लेकिन सभी दालों का क्षेत्रफल खरीफ 2025-26  से अधिक हो गया है। सभी दालों की बुवाई बीते वर्ष के 113.66 लाख हेक्टेयर की तुलना में 115.05 लाख हेक्टेयर में हो गई है। हालांकि यह 123.63 लाख हेक्टेयर के औसत से अभी पीछे है। अरहर की बुवाई पिछले साल के 44.31 लाख हेक्टेयर की तुलना में 44.59 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। उड़द का रकबा भी 22.11 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 24.69 लाख हेक्टेयर हो गया है।

मोटे अनाजः मोटे अनाज के रकबे में गिरावट का अंतर हफ्ते भर में 1.92 प्रतिशत से बढ़कर 2.31 प्रतिशत हो गया। सबसे अधिक 30.30 प्रतिशत गिरावट रागी में और 4.14 प्रतिशत गिरावट मक्के में है। रागी का क्षेत्र 7.86 लाख हेक्टेयर की तुलना में अभी 5.48 लाख हेक्टेयर और मक्के का 93.87 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 89.99 लाख हेक्टेयर है। ज्वार, बाजरा तथा अन्य छोटे मिलेट का क्षेत्र पिछले साल से थोड़ा अधिक है।

तिलहनः तिलहन फसलों में बुवाई का अंतर एक सप्ताह में 0.17 प्रतिशत से बढ़कर 0.52 प्रतिशत हो गया है। प्रमुख फसल सोयाबीन का रकबा पिछले साल के 122.95 लाख हेक्टेयर की तुलना में अभी 121.72 लाख हेक्टयर है। दूसरी प्रमुख फसल मूंगफली का रकबा भी 49.71 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 49.09 लाख हेक्टेयर है। तिल का क्षेत्र 9.43 लाख हेक्टेयर की तुलना में 10.84 लाख हेक्टेयर और सूरजमुखी का 0.63 लाख हेक्टेयर की तुलना में 1.13 लाख हेक्टेयर हो गया है।

गन्ना-कपासः गन्ने का रकबा 58.46 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है, जो पिछले साल इस समय तक 58.87 लाख हेक्टेयर था। हालांकि पिछले वर्षों में इसका औसत क्षेत्र 54.20 लाख हेक्टेयर ही रहा है। जूट एवं मेस्ता भी 6.23 लाख हेक्टेयर की तुलना में 6.34 लाख हेक्टेयर हो गया है। लेकिन कपास का रकबा पिछले साल के 109.23 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस वर्ष अभी तक 108.80 लाख हेक्टेयर ही पहुंचा है।