पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी, 9.34 करोड़ किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये ट्रांसफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त जारी करते हुए 9.34 करोड़ किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की। योजना के तहत कुल वितरण 4.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस योजना को 2030-31 तक जारी रखा जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। गुजरात के बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से जारी की गई।

इस किस्त के जारी होने के साथ ही पीएम-किसान योजना के तहत अब तक कुल वित्तीय सहायता 4.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। 24 किस्तों के माध्यम से किसानों को यह राशि उपलब्ध कराई गई है। पीएम-किसान को किसानों को सीधे आय सहायता देने वाली दुनिया की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक माना जाता है।

इस योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है।

24 फरवरी 2019 को शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य खेती योग्य भूमि वाले किसान परिवारों को सुनिश्चित आय सहायता उपलब्ध कराना है। इससे किसानों को बीज, उर्वरक, सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य कृषि संबंधी जरूरतों पर खर्च करने में मदद मिलती है। साथ ही, इसका उद्देश्य अनौपचारिक ऋण स्रोतों पर किसानों की निर्भरता कम करना और ग्रामीण परिवारों की वित्तीय स्थिरता मजबूत करना है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2026 में पीएम-किसान योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी थी। इस अवधि के लिए कुल 3.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, केंद्रीय बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

योजना के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अपात्र लाभार्थियों को भुगतान रोकने के लिए आधार से जुड़े बैंक खाते, भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर (ई-केवाईसी) अनिवार्य किए गए हैं। डिजिटल सत्यापन व्यवस्था का उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका समाप्त करना और पात्र किसानों तक सीधे सहायता पहुंचाना है।

इस योजना के तहत किसान पीएम-किसान पोर्टल, मोबाइल ऐप या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद राज्य सरकारें लाभार्थियों के विवरण और भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन करती हैं। आधार और बैंक खाते के विवरण की जांच के बाद सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) भुगतान का सत्यापन करती है। इसके बाद बैंकों और एनपीसीआई (NPCI) के माध्यम से राशि किसानों के खातों में भेजी जाती है।