केंद्र सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों को राहत देते हुए बफर स्टॉक योजना के तहत प्याज की खरीद कीमत बढ़ा दी है। सरकार ने प्याज खरीद मूल्य को 1,650 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1,730 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।
निर्णय की जानकारी देते हुए केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने ट्वीट किया कि खरीद भाव में बढ़ोतरी से किसानों को उपज का बेहतर दाम मिलेगा और बाजार में कीमतों को स्थिर करने में मदद मिलेगी। नया खरीद मूल्य 20 जून 2026 से प्रभावी होगा।
शुरुआत में केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए 1,580 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदने का फैसला किया था, जिसे 13 जून से बढ़ाकर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया था। अब कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की गई है।
इस साल पश्चिम एशिया संकट के कारण प्याज के निर्यात में बाधाएं आ रही हैं, जिससे घरेलू बाजार में दाम गिर गए हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार बफर स्टॉक के लिए खरीद के जरिए किसानों को बेहतर दाम दिलाने का प्रयास कर रही है।
केंद्र सरकार मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत हर वर्ष प्याज का बफर स्टॉक तैयार करती है, जिससे बाजार में अत्यधिक मूल्य उतार-चढ़ाव की स्थिति को संभाला जा सके। चालू सीजन के लिए सरकार ने 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह खरीद मुख्य रूप से नाफेड तथा एनसीसीएफ के माध्यम से की जा रही है। वर्तमान सीजन के लिए प्याज खरीद 15 मई से शुरू हो चुकी है।
खरीद मूल्य में वृद्धि के बावजूद महाराष्ट्र सहित प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों के किसान संगठन इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि श्रम, उर्वरक, सिंचाई और अन्य कृषि लागतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, इसलिए सरकार को कम से कम 3,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद करनी चाहिए। किसानों का तर्क है कि मौजूदा खरीद मूल्य से प्याज की खेती की लागत निकालना भी मुश्किल है।
सरकारी अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 में देश का प्याज उत्पादन 307.37 लाख टन रहने की संभावना है, जो पिछले वर्ष के 307.67 लाख टन के उत्पादन से मामूली रूप से कम है।