भारत में ट्रैक्टर बाजार ने अक्टूबर 2026 में अब तक की सबसे अधिक मासिक खुदरा बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान कुल 79,285 ट्रैक्टरों का पंजीकरण हुआ, जो पिछले साल अक्टूबर में दर्ज 76,898 इकाइयों के मुकाबले 3.10 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब देश में कुल वाहन खुदरा बिक्री में गिरावट दर्ज की गई।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) की ओर से जारी खुदरा बिक्री के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 के मुकाबले भी अक्टूबर में ट्रैक्टरों की बिक्री 3.09 प्रतिशत बढ़ी। सितंबर में 76,906 ट्रैक्टरों का पंजीकरण हुआ था। इस तरह अक्टूबर की बिक्री ने इस महीने का अब तक का सर्वोच्च स्तर हासिल किया।
ट्रैक्टरों की मांग में ग्रामीण बाजारों की प्रमुख भूमिका रही। अक्टूबर में कुल पंजीकरण में ग्रामीण क्षेत्रों की हिस्सेदारी 80.2 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों का योगदान 19.8 प्रतिशत था। सालाना आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टरों की बिक्री 5.83 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरी क्षेत्रों में 6.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, सितंबर के मुकाबले शहरी बाजार में 9.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि ग्रामीण बाजार में यह बढ़ोतरी 1.53 प्रतिशत रही।
चालू वित्त वर्ष में भी ट्रैक्टर बाजार की बढ़त मजबूत बनी हुई है। अप्रैल से अक्टूबर 2026 के दौरान कुल 6,37,620 ट्रैक्टरों का खुदरा पंजीकरण हुआ। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज 5,41,624 इकाइयों के मुकाबले 17.72 प्रतिशत अधिक है।
नवरात्र के दौरान भी ट्रैक्टरों की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई। 11 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 23,036 ट्रैक्टरों का पंजीकरण हुआ, जो पिछले साल नवरात्र के दौरान दर्ज 22,489 इकाइयों से 2.43 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 के नवरात्र के मुकाबले इस बार बिक्री 22.05 प्रतिशत अधिक रही। उस वर्ष इस अवधि में 18,875 ट्रैक्टरों का पंजीकरण हुआ था।
ट्रैक्टर बाजार का प्रदर्शन समग्र वाहन बाजार के रुझान से अलग रहा। फाडा के अनुसार, अक्टूबर में देशभर में कुल वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 23.80 प्रतिशत की गिरावट आई। इसकी प्रमुख वजह त्योहारी कैलेंडर में बदलाव रहा। पिछले साल दिवाली अक्टूबर में थी, जबकि इस वर्ष दिवाली का पूरा त्योहारी कारोबार नवंबर में होने की संभावना है।
ट्रैक्टर निर्माताओं की अक्टूबर '26 की बाजार हिस्सेदारी
| ट्रैक्टर कंपनी | अक्टूबर 2026 में बिक्री | अक्टूबर में बाजार हिस्सेदारी (%) | अक्टूबर 2025 में बिक्री | अक्टूबर 2025 में बाजार हिस्सेदारी (%) |
| महिंद्रा एंड महिंद्र (ट्रैक्टर डिवीजन) |
18,263 |
23.03% |
16,967 |
22.06% |
| महिंद्रा एंड महिंद्रा (स्वराज) |
14,206 |
17.92% |
13,379 |
17.40% |
| इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लि. |
10,364 |
13.07% |
9,151 |
11.90% |
| टैफे लिमिटेड |
9,256 |
11.67% |
9,695 |
12.61% |
| एस्कॉर्ट्स कुबोता (एग्री मशीनरी) |
8,331 |
10.51% |
7,902 |
10.28% |
| जॉन डियर इंडिया प्रा.लि. |
6,439 |
8.12% |
6,067 |
7.89% |
| आयशर ट्रैक्टर्स |
4,858 |
6.13% |
4,729 |
6.15% |
| सीएनएच इंडस्ट्रियल प्रा.लि. |
3,992 |
5.04% |
3,096 |
4.03% |
| अन्य (<1% बाजार हिस्सेदारी) |
3,576 |
4.51% |
5,912 |
7.69% |
| कुल |
79,285 |
100% |
76,898 |
100% |
कंपनियों के प्रदर्शन की बात करें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रखी। कंपनी के ट्रैक्टर विभाग ने अक्टूबर में 18,263 इकाइयां बेचीं और उसकी बाजार हिस्सेदारी 23.03 प्रतिशत रही। पिछले साल अक्टूबर में कंपनी ने 16,967 ट्रैक्टर बेचे थे और उसकी हिस्सेदारी 22.06 प्रतिशत थी।
महिंद्रा की स्वराज इकाई ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। उसने अक्टूबर में 14,206 ट्रैक्टर बेचे और बाजार में उसकी हिस्सेदारी 17.92 प्रतिशत रही। पिछले साल इसी महीने में स्वराज ने 13,379 ट्रैक्टर बेचे थे और उसकी बाजार हिस्सेदारी 17.40 प्रतिशत थी। इस तरह महिंद्रा और स्वराज की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी लगभग 41 प्रतिशत रही।
अन्य कंपनियों में इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड ने 10,364 इकाइयों की बिक्री के साथ 13.07 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की। टेफे (TAFE) ने 9,256 और एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने 8,331 ट्रैक्टर बेचे। जॉन डियर की बिक्री 6,439 इकाइयां और आयशर ट्रैक्टर्स की 4,858 इकाइयां रही।
ईंधन के मामले में ट्रैक्टर बाजार में डीजल का लगभग पूरा दबदबा बना हुआ है। अक्टूबर में बिके कुल ट्रैक्टरों में 99.96 प्रतिशत डीजल से चलने वाले थे। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों की हिस्सेदारी महज 0.04 प्रतिशत रही। इस दौरान लगभग 32 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का पंजीकरण हुआ।
फाडा के अक्टूबर के आंकड़ों में तेलंगाना को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि राज्य के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों से पंजीकरण संबंधी आंकड़े उपलब्ध नहीं हो सके।