मनरेगा की जगह लेने वाले वीबी जी राम जी एक्ट को सरकार ने नोटिफाई किया, 1 जुलाई से होगा लागू

नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें प्रत्येक वित्त वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी प्राप्त होगी। सरकार का कहना है कि यह बढ़ी हुई गारंटी आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने, ग्रामीण आय में वृद्धि करने तथा ग्राम स्तर पर सतत विकास को समर्थन देने के उद्देश्य से लाई गई है।

केंद्र सरकार ने सोमवार, 11 मई 2026 को विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB–G RAM G] अधिनियम, 2025 को अधिसूचित कर दिया। यह अधिनियम 1 जुलाई 2026 से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। इसके लागू होने के साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) 2005 उसी तिथि से निरस्त माना जाएगा। 

नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें प्रत्येक वित्त वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी प्राप्त होगी। सरकार का कहना है कि यह बढ़ी हुई गारंटी आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने, ग्रामीण आय में वृद्धि करने तथा ग्राम स्तर पर सतत विकास को समर्थन देने के उद्देश्य से लाई गई है।

अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों को उनकी रोजगार मांग के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसा न होने की स्थिति में श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार होंगे।

यह अधिनियम समयबद्ध और पारदर्शी मजदूरी भुगतान पर विशेष बल देता है। मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में किया जाएगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा मस्टर रोल बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार श्रमिक मुआवजा पाने के पात्र होंगे।

केंद्र सरकार ने इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 95,692.31 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया है। राज्यों के संभावित अंश सहित इस कार्यक्रम का कुल परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। यह आवंटन ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन तथा ग्रामीण आय में वृद्धि को नई गति प्रदान करेगा।

बिना किसी बाधा के, सुचारु और श्रमिक-केंद्रित ट्रांजिशन सुनिश्चित करने के लिए नए अधिनियम के लागू होने की तिथि तक मनरेगा के अंतर्गत रोजगार बिना किसी व्यवधान के जारी रहेंगे। 30 जून तक मनरेगा के अंतर्गत चल रहे सभी कार्य संरक्षित रहेंगे और विकसित भारत–जी राम जी के प्रावधानों के अनुरूप उन्हें सुचारू रूप से नई व्यवस्था में समाहित किया जाएगा। 

वर्तमान ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक विकसित भारत–जी राम जी के अंतर्गत मान्य रहेंगे। जिन श्रमिकों के पास जॉब कार्ड नहीं हैं, वे ग्राम पंचायत स्तर पर पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। नए अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, केवल ई-केवाईसी लंबित होने के कारण किसी भी श्रमिक को रोजगार से वंचित नहीं किया जाएगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के अंतर्गत विभिन्न नियमों के ड्राफ्ट राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के परामर्श से तैयार कर रहा है। ये इस प्रकार हैं:

-मानक (नॉरमेटिव) आवंटन के लिए वस्तुनिष्ठ मानदंडों से संबंधित नियम
-संक्रमणकालीन प्रावधान नियम
-राष्ट्रीय स्तर पर संचालन समिति के नियम
-केंद्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद नियम
-प्रशासनिक व्यय नियम
-शिकायत निवारण नियम
-मजदूरी एवं बेरोजगारी भत्ते के भुगतान की प्रक्रिया संबंधी नियम
-अतिरिक्त व्यय वहन करने की प्रक्रिया संबंधी नियम
-बिना विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों में योजना व्यय वहन करने की प्रक्रिया संबंधी नियम

महात्मा गांधी नरेगा से विकसित भारत-जी राम जी में सुचारू ट्रांजिशन सुनिश्चित करने के लिए संक्रमणकालीन प्रावधान नियमों में उपयुक्त प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं, जिन्हें शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा। अन्य नियमों के प्रारूप भी तैयार कर लिए गए हैं और उन्हें सार्वजनिक परामर्श के लिए जल्द प्रकाशित किया जाएगा।