असम बजट में सिंचाई के लिए 4,000 करोड़ रुपये, छोटे चाय उत्पादकों को टैक्स में बड़ी राहत

असम सरकार के 2026-27 के 2.85 लाख करोड़ रुपये के बजट में कृषि और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई है। इसमें ब्रह्मपुत्र घाटी की सिंचाई के लिए 4,000 करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास के लिए 6,190 करोड़ रुपये, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए 5,421 करोड़ रुपये तथा छोटे चाय उत्पादकों को कर राहत का प्रावधान किया गया है।

असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ।

असम सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में कृषि, सिंचाई, चाय बागानों और ग्रामीण विकास को प्रमुख प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने ब्रह्मपुत्र घाटी में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,000 करोड़ रुपये, छोटे चाय उत्पादकों को कृषि आयकर में बड़ी राहत तथा चाय बागान श्रमिकों के कल्याण कार्यक्रमों को जारी रखने की घोषणा की। शुक्रवार को विधानसभा में 2.85 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कृषि, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और ऊर्जा क्षेत्र को केंद्र में रखकर राज्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया।

बजट में ग्रामीण विकास के लिए 6,190 करोड़ रुपये तथा कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए 5,421 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सामाजिक कल्याण एवं पोषण के लिए 11,934 करोड़ रुपये तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 8,998 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

कृषि क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी घोषणा ब्रह्मपुत्र घाटी में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,000 करोड़ रुपये का आवंटन है। इसका उद्देश्य सिंचाई क्षेत्र का विस्तार करना, कृषि उत्पादकता बढ़ाना और वर्षा पर किसानों की निर्भरता कम करना है।

छोटे चाय उत्पादकों को राहत देते हुए सरकार ने कृषि आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। इससे राज्य के हजारों छोटे चाय उत्पादकों को कर राहत मिलेगी और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। बजट में बागान श्रमिकों के कल्याण कार्यक्रमों को भी जारी रखने की घोषणा की गई है। इन योजनाओं के तहत चाय उत्पादक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण और जीवन स्तर में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कृषि के अलावा, सरकार ने बिजली क्षेत्र में 72,000 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव रखा है। यह निवेश ताप, जलविद्युत, सौर और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर किया जाएगा, जिससे राज्य का ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर वैट 14.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ-साथ सिटी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने 33,000 स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती की घोषणा की है। इससे जिला अस्पतालों को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। शिक्षा क्षेत्र में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और नए शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती जारी रखने की घोषणा की गई है। वहीं युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), विजुअल इफेक्ट्स (VFX) तथा अंग्रेजी, जापानी और कोरियाई जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के तहत सड़क, पुल, रेल और हवाई संपर्क परियोजनाओं में तेजी लाने की योजना है। साथ ही डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी दोहराया गया है, ताकि ऊपरी असम में संतुलित क्षेत्रीय विकास और प्रशासनिक सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

वित्त मंत्री बरुआ के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की कुल प्राप्तियां 2,88,309.45 करोड़ रुपये और कुल व्यय 2,85,084.45 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।