दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शनिवार को उत्तर प्रदेश से पूरी तरह विदाई ले ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र, लखनऊ के अनुसार, मानसून ने प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों से 23 सितंबर को वापसी शुरू की थी और 3 अक्टूबर को सामान्य तिथि से दो दिन पहले प्रदेश के शेष हिस्सों से भी लौट गया।
इस साल उत्तर प्रदेश में मानसून का आगमन भी सामान्य तिथि 18 जून के बजाय 12 दिन देरी से 30 जून को हुआ था। हालांकि, इसके बाद मानसून ने तेजी से आगे बढ़ते हुए 2 जुलाई तक पूरे प्रदेश को कवर कर लिया था। इस साल मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में विगत 10 वर्षों की सर्वाधिक हुई है। सबसे ज्यादा बारिश बुंदेलखंड के चित्रकूट और सबसे कम बारिश पश्चिमी यूपी के गाजियाबाद जिले में हुई।
प्रदेश में सामान्य से 8% अधिक बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जून से 30 सितंबर 2026 के मानसून सीजन के दौरान उत्तर प्रदेश में कुल 802.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि दीर्घावधि औसत 746.2 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 8% अधिक बारिश हुई, जो सामान्य श्रेणी में आती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 817.0 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 799.2 मिलीमीटर के दीर्घावधि औसत से 2% अधिक है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 782.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 672.0 मिलीमीटर के औसत से 16% अधिक है।
14 जिलों में 1,000 मिलीमीटर से अधिक बारिश
मानसून सीजन के दौरान प्रदेश के 14 जिलों में 1,000 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश चित्रकूट में 1,358.1 मिलीमीटर, बांदा में 1,348.4 मिलीमीटर, बिजनौर में 1,348.2 मिलीमीटर, बहराइच में 1,343.8 मिलीमीटर और हमीरपुर में 1,307.7 मिलीमीटर बारिश हुई।
इसके अलावा संभल में 1,294.9 मिलीमीटर, खीरी में 1,238.9 मिलीमीटर, महोबा में 1,127.0 मिलीमीटर, कानपुर नगर में 1,105.1 मिलीमीटर, मुरादाबाद में 1,102.5 मिलीमीटर, कन्नौज में 1,093.3 मिलीमीटर, मेरठ में 1,054.8 मिलीमीटर, मुजफ्फरनगर में 1,043.6 मिलीमीटर और शाहजहांपुर में 1,012.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अक्सर सूखे की मार झेलने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में इस साल अत्यधिक बारिश हुई है।
9 जिलों में सामान्य से 60% से अधिक बारिश
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, बांदा, चित्रकूट, कन्नौज, कानपुर नगर, एटा, हमीरपुर, महोबा, मेरठ और संभल में दीर्घावधि औसत की तुलना में 60% से अधिक बारिश हुई। वहीं 17 जिलों में बारिश सामान्य से 20% से 59% अधिक रही।
प्रदेश के 29 जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में रही। जबकि 16 जिलों में सामान्य से 20% से 59% कम बारिश हुई। चार जिलों—देवरिया, कुशीनगर, गाजियाबाद और शामली—में बारिश सामान्य से 60% से 99% तक कम रही।
सितंबर में हुई सबसे अधिक बारिश
मानसून के आखिरी महीने सितंबर में उत्तर प्रदेश में बारिश विशेष रूप से अधिक रही। प्रदेश में सितंबर के दौरान 250.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि दीर्घावधि औसत 153.1 मिलीमीटर है। यह सामान्य से 63% अधिक है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में सितंबर की बारिश 273.3 मिलीमीटर रही, जो सामान्य से 58% अधिक है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 217.0 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 74% अधिक है।
मानसून के शुरुआती महीने जून में प्रदेश में बारिश में भारी कमी रही। जून में उत्तर प्रदेश में सिर्फ 43.9 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य बारिश से 54% की कमी थी। जुलाई में भी बारिश सामान्य से 17% कम रही। इसके बाद अगस्त में बारिश सामान्य से 24% अधिक रही। इस तरह मानसून के शुरुआती दो महीनों में हुई कमी की भरपाई बाद के महीनों में अधिक बारिश से हुई और पूरे मानसून सीजन में प्रदेश की कुल बारिश सामान्य से 8% अधिक रही।
IMD के पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में 2026 का मानसून उत्तर प्रदेश के लिए सर्वाधिक बारिश वाला रहा। पिछले साल 2025 में प्रदेश में 701.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से 6% कम थी। पिछले 10 वर्षों में मानसून सीजन के दौरान यूपी में सबसे कम 533 मिलीमीटर बारिश 2022 में हुई थी जो सामान्य से 29 फीसदी कम बारिश के साथ सूखे का साल था।