त्रिपुरा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अंतर्गत बागवानी और भूमि संरक्षण निदेशालय, 27 से 29 जून 2026 तक दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल 2026 का आयोजन करेगा। यह अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी 27 जून को अंतरराष्ट्रीय पाइनएप्पल दिवस के मौके पर शुरू होगी। इसमें देश-विदेश से किसान, नीति-निर्माता, व्यापारी और प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान त्रिपुरा के पांच पाइनएप्पल किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा।
त्रिपुरा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने इस प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए कहा, “त्रिपुरा की क्वीन पाइनएप्पल हमेशा खास रही है। हम चाहते हैं कि दुनिया भी इसे जाने। यह प्रदर्शनी प्रदेश के किसानों और वैश्विक बाजार के बीच टिकाऊ रिश्ता बनाने की कोशिश है।”
त्रिपुरा में पाइनएप्पल की दो किस्में उगाई जाती हैं - क्वीन और क्यू। साल 2014 में क्वीन पाइनएप्पल को जीआई (GI) टैग मिला, जो इसकी अनोखी पहचान और बेहतरीन गुणवत्ता का प्रमाण है। राज्य में करीब 12,000 हेक्टेयर में इसकी खेती होती है और सालाना उत्पादन लगभग 1.78 लाख मीट्रिक टन है।
27 मई 2026 को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री माणिक साहा की उपस्थिति में त्रिपुरा सरकार ने मिशन क्वीन पाइनएप्पल की शुरुआत की। 236 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में खेती का रकबा 12,000 से बढ़ाकर 15,000 हेक्टेयर करना है। इसके तहत 10 पैक हाउस, राइपेनिंग चैंबर, 20 रेफ्रिजरेटेड वाहन, GI लेबलिंग मशीनें और FSSAI अनुपालित खाद्य सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाएगा।
पाइनएप्पल के तने और फल से निकाला जाने वाला एंजाइम ब्रोमेलेन वैश्विक दवा बाजार में 15,000 से 25,000 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बिकता है। राज्य सरकार अगरतला इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर और गोमती जिले में दो ब्रोमेलेन निष्कर्षण संयंत्र स्थापित करने की भी योजना बना रही है। हर संयंत्र सालाना 5,000 से 6,000 किलोग्राम ब्रोमेलेन पाउडर तैयार करेगा, जिससे 12 से 18 करोड़ रुपये सालाना राजस्व मिलने का अनुमान है। इसके अलावा सरकार पाइनएप्पल से बनने वाले उत्पादों- जैम, कैंडी, सूखे छल्ले, जूस, स्क्वाश, सिरका, चटनी, सॉस और क्रीम आधारित उत्पादों में भी निवेश कर रही है। इस क्षेत्र में सालाना 45 से 55 करोड़ रुपये की कमाई की संभावना है।