यूपी कैबिनेट का फैसला: सभी 75 जिलों में लागू होगी पशुधन बीमा योजना, कानपुर व रायबरेली में बनेंगे उद्यान महाविद्यालय

उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी 75 जिलों में पशुधन बीमा योजना लागू करने का फैसला किया है। योजना के तहत प्राकृतिक आपदा, बीमारी या दुर्घटना से पशु की मृत्यु होने पर पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालकों को पशुधन हानि से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू की जाएगी। इसके तहत प्राकृतिक आपदा, बीमारी, दुर्घटना या अन्य कारणों से पशु की मृत्यु या दुर्घटना की स्थिति में पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 28 को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट बैठक के बाद पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना लागू की जाएगी। योजना के तहत पशुओं का बीमा कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों, पशुपालकों और डेयरी फार्म संचालकों को अप्रत्याशित परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि सरकार पशुओं के नस्ल सुधार, पशुधन संरक्षण और गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी कदम उठा रही है।

पशुधन बीमा योजना के तहत बीमा प्रीमियम का अधिकांश हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारें वहन करेंगी। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत होगी, जबकि लाभार्थी पशुपालक को 15 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इस योजना को लागू करने के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। 

सरकार ने बीमा योजना के लिए विभिन्न पशुओं का मानक मूल्य भी निर्धारित किया है। मुर्रा नस्ल की भैंस का बीमा मूल्य 75,000 रुपये तय किया गया है। विदेशी और उन्नत नस्ल की गायों के लिए 50,000 से 65,000 रुपये तक का मूल्य निर्धारित किया गया है।

योजना के तहत गाय, भैंस, बैल, घोड़ा, खच्चर, गधा, भेड़ और बकरी सहित विभिन्न श्रेणियों के पशुओं को बीमा सुरक्षा के दायरे में लाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे पशुधन पर निर्भर ग्रामीण परिवारों को संकट की स्थिति में आर्थिक सहारा मिलेगा। साथ ही, डेयरी और पशुपालन गतिविधियों में निवेश का जोखिम भी कम होगा।

कानपुर व रायबरेली में बनेंगे उद्यान महाविद्यालय

कैबिनेट बैठक में कानपुर व रायबरेली में नए उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। राज्य के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत लगभग 50-50 करोड़ रुपये की लागत से महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इन विश्वविद्यालयों के लिए 20-20 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। 

उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी

प्रदेश सरकार ने राज्य में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहने वाली इस नीति का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के शीर्ष स्टार्टअप ईकोसिस्टम वाले राज्यों में शामिल करना, युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

नई नीति में हाईटेक और डीप-टेक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत स्टार्टअप को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार तक व्यापक वित्तीय और संस्थागत सहयोग देने का प्रावधान किया गया है।