मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि राज्य सरकार पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने का प्रमुख माध्यम बनाना चाहती है। इसके तहत एक देसी गाय खरीदने पर 40 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। एक किसान को दो गायों तक का अनुदान मिलेगा। पशुपालक किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ मवेशियों का बीमा भी कराया जाएगा। बीमा की कुल लागत का 85 फीसदी सरकार और 15 फीसदी हिस्सा किसान वहन करेंगे।
धर्मपाल सिंह ने बताया कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पशुधन जरूरी है, लेकिन पशुपालन क्षेत्र में कम उत्पादकता, बिखरी हुई बाजार व्यवस्था और मूल्य संवर्धन की कमी जैसी समस्याएं हैं। इसलिए नेशनल लाइवस्टॉक मिशन की तर्ज पर राज्य स्तर पर स्टेट लाइवस्टॉक मिशन का गठन किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास और पशु उत्पादकता में वृद्धि करना और बाजार उपलब्ध कराना है। जो गाय दो-तीन लीटर दूध देती थी, कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार के जरिए उनकी उत्पादकता 10 लीटर की जाएगी। लाइवस्टॉक मिशन में मुर्गी, बकरी और भेड़ पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
जल परिवहन को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश में जल परिवहन को व्यवस्थित बनाने के लिए नावों और पानी के जहाजों के पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि जल परिवहन के संचालन और निगरानी के लिए इनलैंड वाटर अथॉरिटी बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इंजन से चलने वाले बड़े जहाज यांत्रिक श्रेणी में आएंगे, जबकि गांवों में इस्तेमाल होने वाली मोटर चालित छोटी नावों के लिए अलग श्रेणी निर्धारित की जाएगी। गैर-यात्री नावों के पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क प्रस्तावित है। गंगा और यमुना समेत 11 नदियों पर जल परिवहन से संबंधित काम किया जाएगा।