आईआईटी रोपड़ (IIT Ropar) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एआई इन एग्रीकल्चर अन्नम.एआई (ANNAM.AI) ने अवनी (AVNI) नाम से एक डिजिटल लर्निंग पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अनुभव आधारित सीखने के माध्यम से बच्चों को कम उम्र से ही कृषि, पौधों और प्रकृति से परिचित कराना है।
ANNAM.AI के को-प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. मुकेश सैनी द्वारा विकसित AVNI एक वेब और मोबाइल एप्लिकेशन है। यह मंच बच्चों को यह समझने में मदद करता है कि उनका भोजन कहां से आता है, फसलें कैसे उगती हैं और रोजमर्रा की जिंदगी तथा व्यापक अर्थव्यवस्था में कृषि की क्या भूमिका है।
अवनी (AVNI) में एआई आधारित पहचान तकनीक के माध्यम से बच्चे अपने आसपास मौजूद फसलों, फलों, सब्जियों, मसालों, अनाज और मोटे अनाज के बारे में जान सकते हैं। यह मंच हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है और छोटे बच्चों के लिए ऑडियो सुविधा भी प्रदान करता है। इस पहल में रोजाना की चुनौतियां, नेचर पॉइंट्स, डिजिटल नेचर बुक और नेचर गैलरी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा फसलों की तुलना जैसे इंटरैक्टिव फीचर भी दिए गए हैं। ANNAM.AI के अनुसार, इन सुविधाओं का उद्देश्य कक्षा से बाहर भी कृषि को सीखने को सरल, रोचक और सुलभ बनाना है।
डॉ. मुकेश सैनी ने कहा कि AVNI को बच्चों के लिए एक मुफ्त और विज्ञापन-मुक्त लर्निंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें सुरक्षित तरीके से सीखने और खोज करने पर जोर दिया गया है। ANNAM.AI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. पुष्पेंद्र पी. सिंह ने कहा कि कृषि की शिक्षा केवल कक्षा में या तब शुरू होना जरूरी नहीं है, जब कोई बच्चा कृषि को विषय के रूप में चुने। स्कूल के बगीचे में लगी फसल, घर में रखा कोई फल या आसपास उग रहा पौधा भी सीखने का अवसर बन सकता है।
यह पहल जिम्मेदार तकनीक और बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल शिक्षा पर ANNAM.AI के व्यापक फोकस को भी दर्शाती है। इसमें उम्र के अनुरूप सामग्री, निजता और सुरक्षित डिजिटल वातावरण को प्राथमिकता दी गई है।
ANNAM.AI के अनुसार, AVNI भारतीय कृषि के लिए AI आधारित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) विकसित करने की उसकी व्यापक सोच का हिस्सा है। केंद्र AI, जलवायु इंटेलिजेंस, डिजिटल कृषि, किसान सलाह और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में काम करता है, ताकि भारत के कृषि तंत्र को अधिक मजबूत और तकनीक-सक्षम बनाया जा सके।