वर्ष 2026 के पहले सात महीने में तेज वृद्धि दर्ज करने के बाद अगस्त में ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री स्थिर रही है। सोमवार को जारी फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में 87,977 ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री हुई, जबकि अगस्त 2025 में 87,244 ट्रैक्टर बिके थे। जुलाई 2026 में 1,17,349 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी। इस तरह सालाना आधार पर तो बिक्री में 0.84 प्रतिशत गिरावट आई, लेकिन मासिक आधार पर इसमें 25.03 प्रतिशत की गिरावट आई है।
अगस्त में ट्रैक्टर बिक्री सुस्त पड़ने का मुख्य कारण मानसून माना जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष अभी तक मानसून की बारिश सामान्य से लगभग 14 प्रतिशत कम चल रही है। दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्र में बारिश सामान्य से 27 प्रतिशत और पूर्वी तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में 24 प्रतिशत कम हुई है।
फाडा के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में रिकॉर्ड 1,17,349 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी। इसमें सालाना आधार पर 28.10% और मासिक आधार पर 12.10% वृद्धि हुई थी। इस रिकॉर्ड बिक्री का कारण खरीफ फसलों की बुवाई मानी जा रही है।
मौजूदा कैलेंडर वर्ष में जनवरी से अगस्त तक अभी तक कुल 7,57,782 ट्रैक्टर बिके हैं। वर्ष 2025 के जनवरी-अगस्त के 6,27,996 की तुलना में मौजूदा वर्ष का आंकड़ा 20.66 प्रतिशत अधिक है।

अलग-अलग कंपनी के हिसाब से देखें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा 23.5 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ शीर्ष पर है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के स्वराज डिवीजन की हिस्सेदारी 18.09 प्रतिशत है। उसके बाद इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स (सोनालिका), टैफे, एस्कॉर्ट्स कुबोता, जॉन डियर, आयशर और सीएनएच इंटरनेशनल हैं।