भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी हैटसन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड (HAP) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का राजस्व 3,090.49 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 2,590.28 करोड़ रुपये की तुलना में 19.31 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) 133.69 करोड़ रुपये और EBITDA 353.59 करोड़ रुपये रहा।
हैटसन ने अपने इतिहास में पहली बार एक तिमाही में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व हासिल किया है। इस तरह कंपनी ने औसतन प्रति माह 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया।
कंपनी के चेयरमैन आर.जी. चंद्रमोगन ने कहा कि हैटसन ने वित्त वर्ष 2026-27 की मजबूत शुरुआत की है। इसका श्रेय प्रमुख ब्रांडों की मजबूत पहचान, परिचालन दक्षता और लचीले कारोबारी मॉडल को जाता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न उत्पाद श्रेणियों और मूल्य वर्गों में फैले व्यापक उत्पाद पोर्टफोलियो ने कंपनी को बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ निरंतर ग्रोथ बनाए रखने में मदद की है।
पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने 153 करोड़ उपभोक्ता पैक बेचे। छह राज्यों में कंपनी की 22 आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां और 4,700 से अधिक विशेष रिटेल एवं वितरण केंद्र हैं। कंपनी के अनुसार, यह नेटवर्क ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं तक उसकी व्यापक पहुंच को दर्शाता है।
हैटसन के उत्पाद पोर्टफोलियो में अरुण आइसक्रीम, अरोक्या, हैटसन, मिल्की मू, HAP डेली और इबाको जैसे प्रमुख ब्रांड शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी चॉकलेट, कन्फेक्शनरी, व्हे ड्रिंक्स और पशु आहार जैसे नए उत्पादों के जरिए भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है।
कंपनी पांच लाख से अधिक किसानों से सीधे दूध की खरीद करती है, जिससे उसका नेटवर्क देश के सबसे बड़े निजी डेयरी खरीद तंत्रों में शामिल है। कंपनी का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, वितरण व्यवस्था और उत्पाद इनोवेशन में लगातार निवेश से उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत हुआ है और कारोबार को निरंतर गति मिली है।
हैटसन ने कहा कि वह भविष्य में भी इनोवेशन, बाजार विस्तार और परिचालन पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत के डेयरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बदलती मांग को पूरा करने और दीर्घकालिक मूल्य सृजन के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।