चीनी सीजन 2026-27 की समय पर शुरुआत, देशभर में 107 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू

देश में चीनी सीजन 2026-27 की शुरुआत हो गई है और अब तक 107 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हो चुकी है। उद्योग संगठन इस्मा के मुताबिक, पिछले सीजन के अंत में करीब 36 लाख टन चीनी का स्टॉक उपलब्ध था, जबकि चालू सीजन में 25 अक्टूबर तक 4 लाख टन उत्पादन हो चुका है। संगठन को त्योहारी सीजन में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति और कीमतों के स्थिर रहने की उम्मीद है।

देश में चीनी सीजन 2026-27 की शुरुआत तय समय पर हो गई है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात में अब तक 107 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हो चुकी है। चीनी उद्योग के संगठन ने कहा है कि देश में घरेलू खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध है और त्योहारी सीजन में आपूर्ति को लेकर चिंता की कोई वजह नहीं है।

इस्मा की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, महाराष्ट्र में करीब 87 चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश में दो मिलें चालू हो गई हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात में कुल 17 मिलों में पेराई चल रही है। अन्य राज्यों में भी संबंधित राज्यों के सामान्य मौसमी कार्यक्रम के अनुसार पेराई शुरू करने की तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।

गौरतलब है कि इस साल चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए नए सीजन में चीनी मिलों को समय से पहले 15 अक्टूबर के आसपास चलाने की कोशिशें की जा रही थीं। लेकिन अक्टूबर में उत्तर भारत में हुई बारिश और महाराष्ट्र व कर्नाटक में सूखे की मार के चलते अधिकांश चीनी मिलें नवंबर के पहले सप्ताह या उसके बाद ही शुरू हो पाएंगी। महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ना किसानों के आंदोलन के चलते भी पेराई में देरी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में 3-4 दिन में शुरू होगी पेराई

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों में पेराई शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद मध्य उत्तर प्रदेश में मिलें चालू होंगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में गन्ने की परिपक्वता के अनुसार पेराई शुरू की जाएगी। संगठन का कहना है कि चीनी सीजन की समय पर शुरुआत उद्योग, किसानों और राज्य प्रशासन की तैयारियों के साथ गन्ने की उपलब्धता बढ़ने का परिणाम है। आने वाले दिनों में और मिलें चालू होने से चीनी का उत्पादन तथा बाजार में उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

36 लाख टन स्टॉक बकाया 

इस्मा के मुताबिक, चीनी सीजन 2025-26 के अंत में देश के पास करीब 36 लाख टन चीनी का कैरीओवर स्टॉक था। यह स्टॉक नए सीजन में घरेलू खपत की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।

वहीं, 25 अक्टूबर 2026 तक चालू सीजन में करीब 4 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका था। पिछले साल इसी तारीख तक लगभग 0.6 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। इस तरह शुरुआती उत्पादन पिछले सीजन की समान अवधि की तुलना में अधिक रहा है।

संगठन के अनुसार, पिछले सीजन के बचे हुए स्टॉक, नए सीजन के उत्पादन और सरकार की ओर से आपूर्ति बढ़ाने के लिए किए गए उपायों को मिलाकर घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

चीनी आपूर्ति बढ़ाने के उपाय

घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अवधि बढ़ाने और चीनी के स्टॉक पर सीमा लगाने जैसे कदम उठाए हैं। इन उपायों के साथ पुराने स्टॉक और नए सीजन में उत्पादन शुरू होने से त्योहारी अवधि में घरेलू मांग पूरी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि देश में घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहारी सीजन में घरेलू चीनी की जरूरतें आसानी से पूरी हो जाएंगी और कीमतें स्थिर रहेंगी। उनके मुताबिक, आने वाले दिनों में और चीनी मिलें चालू होने से बाजार में उपलब्धता और मजबूत होगी। चीनी उद्योग उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और किसानों को गन्ने का समय पर भुगतान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सटीक आकलन की जरूरत

इस्मा ने कहा कि देश में चीनी की उपलब्धता का आकलन करते समय पुराने स्टॉक, वास्तविक खपत, नए उत्पादन की गति और बाजार में आपूर्ति बनाए रखने के लिए किए गए उपायों को समग्र रूप से देखना चाहिए। संगठन ने बाजार के आकलन में अटकलों पर आधारित अनुमानों के बजाय सत्यापित आंकड़ों और मांग-आपूर्ति की वास्तविक स्थिति को आधार बनाने पर जोर दिया है।