इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) ने 3 नवंबर को अपने डायमंड जुबली वर्ष (2026-27) की शुरुआत की। इस मौके पर संस्था ने अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने का उत्सव शुरू किया। वर्ष 1967 में 57 सहकारी समितियों के साथ शुरू हुई IFFCO आज देश के उर्वरक क्षेत्र की प्रमुख संस्थाओं में शामिल है। उर्वरक बनाने के साथ शोध और कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी इसकी मौजूदगी है।
डायमंड जुबली समारोह के तहत IFFCO अपने संस्थापक और पहले चेयरमैन महाराजकुमार साहिब उदयभानसिंहजी नटवरसिंहजी जेठवा की प्रतिमाएं अपनी सभी मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों और नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में स्थापित करेगी। इस पहल के जरिए संस्था की स्थापना और उसकी मूल परिकल्पना को आकार देने में उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा।
IFFCO की उर्वरक मैन्युफैक्चरिंग यात्रा 1975 में अहमदाबाद के पास कलोल इकाई की स्थापना के साथ शुरू हुई। इसके बाद 1976 में कांडला, 1981 में फूलपुर और 1988 में आंवला इकाई स्थापित की गई। वर्ष 2005 में IFFCO भारत की पहली सहकारी संस्था बनी, जिसने निजी क्षेत्र के एक उद्यम का अधिग्रहण किया।
कलोल इकाई ने 2025 में स्थापना के 50 वर्ष पूरे किए। वर्ष 1998 में इस इकाई की क्षमता बढ़ाकर प्रतिदिन लगभग 1,100 टन अमोनिया और 1,650 टन यूरिया की गई थी। ऊर्जा दक्षता और संयंत्र के प्रदर्शन में सुधार के लिए यहां 2011-12 में ऊर्जा बचत परियोजना भी लागू की गई।
हाल के वर्षों में IFFCO ने नैनो तकनीक आधारित उर्वरकों पर ध्यान केंद्रित किया है। संस्था ने 2019 में स्वदेशी रूप से नैनो उर्वरक विकसित किए और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के मार्गदर्शन में इनके खेत परीक्षण शुरू किए। नैनो यूरिया को 2021 में देशभर में वितरण के लिए लॉन्च किया गया। मई 2022 में कलोल में स्थापित पहले नैनो यूरिया संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इसके बाद 2023 में देश के पहले नैनो डीएपी मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र का भी कलोल में उद्घाटन किया गया। इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्र को समर्पित किया था।
डायमंड जुबली वर्ष के दौरान IFFCO देशभर में 60 कार्यक्रम आयोजित करेगी। इनमें सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने, टिकाऊ कृषि, किसानों में जागरूकता और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर रहेगा। इसके तहत 60 किसान सम्मेलन और सहकारी सशक्तीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्था के निदेशक मंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी इनमें भाग लेंगे। इन कार्यक्रमों में आधुनिक कृषि पद्धतियों, नैनो उर्वरकों और डिजिटल सेवाओं की जानकारी देने के साथ किसानों से सुझाव भी लिए जाएंगे।
इफको चेयरमैन दिलीप संघाणी और एमडी के.जे. पटेल।
IFFCO चेयरमैन दिलीप संघाणी ने कहा कि संस्था इस अवसर का उपयोग जमीनी स्तर पर सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने और महिला उद्यमिता के अवसर बढ़ाने के लिए करेगी। इसके तहत क्षमता निर्माण और ड्रोन दीदी जैसी पहल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि IFFCO किसानों के कल्याण और कृषि नवाचार पर अपना ध्यान बनाए रखेगी।
इफको के प्रबंध निदेशक के.जे. पटेल ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा और उर्वरक बाजार की चुनौतियों के बावजूद संस्था की सभी उत्पादन इकाइयां विश्वसनीयता, दक्षता और क्षमता के बेहतर उपयोग पर ध्यान देते हुए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संस्था सरकार और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर उर्वरकों का समय पर उत्पादन और वितरण सुनिश्चित कर रही है।
इस अवसर पर IFFCO ने दिलीप संघाणी को अंतरराष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (ICA) का डायरेक्टर-एट-लार्ज चुने जाने पर सम्मानित भी किया। ICA दुनिया भर के सहकारी संगठनों की शीर्ष संस्था है।