फरवरी 2026 में कई महीनों की गिरावट के बाद वैश्विक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की तरफ से जारी जारी नवीनतम आंकड़ों में दी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से कारोबार होने वाली खाद्य वस्तुओं की कीमतों में मासिक बदलाव को दर्शाने वाला एफएओ खाद्य मूल्य सूचकांक (FFPI) फरवरी में औसतन 125.3 अंक पर रहा। यह जनवरी के संशोधित स्तर की तुलना में 1.1 अंक या 0.9% अधिक है। पिछले पांच महीने में पहली बार इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि मासिक आधार पर कीमतों में वृद्धि हुई, लेकिन वैश्विक खाद्य कीमतें अब भी एक वर्ष पहले की तुलना में थोड़ी कम रहीं। फरवरी का सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.3 अंक या लगभग 1% कम रहा और मार्च 2022 में दर्ज रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 22% नीचे है। तब भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक बाजार प्रभावित हुए थे।
एफएओ खाद्य मूल्य सूचकांक पांच प्रमुख समूहों - अनाज, वनस्पति तेल, डेयरी उत्पाद, मांस और चीनी - के मूल्य सूचकांकों के आधार पर तैयार किया जाता है। इन घटकों को 2014-2016 की आधार अवधि के औसत निर्यात हिस्से के अनुसार भार दिया जाता है।
फरवरी में कुल सूचकांक में बढ़ोतरी मुख्य रूप से अनाज, मांस और वनस्पति तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई। बढ़ती मांग और बाजार संबंधी चिंताओं के कारण वैश्विक अनाज बाजार के कुछ हिस्सों में कीमतों में मजबूती आई, जिससे अनाज सूचकांक ऊपर गया। एफएओ अनाज मूल्य सूचकांक फरवरी में औसतन 108.6 अंक पर रहा, जो जनवरी की तुलना में 1.1% अधिक है, हालांकि यह पिछले वर्ष के स्तर से नीचे है।
डेयरी उत्पादों और चीनी की कीमतों में फरवरी के दौरान गिरावट दर्ज की गई, जिससे अन्य वस्तुओं में हुई बढ़ोतरी का असर कुछ हद तक संतुलित हो गया। एफएओ चीनी मूल्य सूचकांक फरवरी में घटकर 86.2 अंक पर आ गया, जो जनवरी की तुलना में 4.1% कम है और पिछले वर्ष की तुलना में भी काफी नीचे है। वैश्विक स्तर पर पर्याप्त आपूर्ति और बेहतर उत्पादन संभावनाओं की उम्मीदों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों पर दबाव बनाए रखा।
एफएओ खाद्य मूल्य सूचकांक को वैश्विक खाद्य बाजार रुझानों का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह प्रमुख कृषि वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव की जानकारी देता है और नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और विश्लेषकों को खाद्य सुरक्षा, व्यापार और महंगाई से जुड़े वैश्विक रुझानों की निगरानी करने में मदद करता है। एफएओ इस सूचकांक को हर महीने जारी करता है, जिससे वैश्विक खाद्य बाजार में हो रहे बदलावों की समय पर जानकारी मिलती है।