केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार की फिलहाल पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग की सीमा 20 फीसदी से आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने E20 पेट्रोल को लेकर उठाए जा रहे सवालों और सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों को भ्रामक नैरेटिव करार दिया है।
गोवा में 29वें एनर्जी टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन मीट के उद्घाटन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि सरकार फिलहाल 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य से आगे बढ़ने पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल को लेकर किए जा रहे भ्रामक दावों से उपभोक्ताओं के बीच अनावश्यक आशंकाएं पैदा हो रही हैं।
पुरी ने दावा किया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है, जिसमें से करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये किसानों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने किसानों को खाद्य उत्पादन के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति में भी महत्वपूर्ण भागीदार बनाया है।
इस बीच, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन अधिसूचित किए। इन संशोधनों के तहत E100 तक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चलने में सक्षम फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को मान्यता दी गई है।
पारंपरिक पेट्रोल वाहनों को सीमित इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी जाती है, जबकि फ्लेक्स-फ्यूल वाहन अधिक मात्रा में इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर चलने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। आयातित जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता कम करने के केंद्र सरकार के प्रयासों के बीच कुछ वाहन निर्माता कंपनियां भारतीय बाजार के लिए फ्लेक्स-फ्यूल वाहन विकसित कर रही हैं।
इस साल केंद्र सरकार ने देश में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इथेनॉल उत्पादन में गन्ने और चीनी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इथेनॉल के एक प्रमुख स्रोत पर रोक के बाद E20 के लक्ष्य को पूरा करने की जिम्मेदारी अब मक्का और चावल आधारित इथेनॉल उत्पादन पर बढ़ गई है।
दूसरी ओर, मक्का उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने और पोल्ट्री फीड में इसके व्यापक इस्तेमाल को देखते हुए मक्का से इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं भी सीमित नजर आ रही हैं। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों में सरकार के लिए E20 का लक्ष्य हासिल करना भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।