कृषि निर्यात में 23 फीसदी की बढ़ोतरी, अप्रैल से जनवरी तक 19.71 अरब डॉलर का हुआ निर्यात

अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 के दौरान सबसे अधिक चावल का निर्यात हुआ है। यह 13 फ़ीसदी बढ़कर 7.7 अरब डॉलर का हो गया। गेहूं के निर्यात में 387 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है इसका निर्यात 35.8 करोड़ डॉलर से बढ़कर 174.2 करोड़ डॉलर हो गया

मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 10 महीने में भारत से कृषि और प्रोसेस्ड फूड का निर्यात 23 फ़ीसदी से अधिक बढ़ गया है। अप्रैल से जनवरी 2020-21 के दौरान 15.97 अरब डॉलर के कृषि और प्रोसेस्ड फूड तत्वों का निर्यात किया गया था। इस वर्ष इसी अवधि में 19.71 अरब डॉलर का निर्यात किया गया है। यह निर्यात एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एपीडा) के तहत हुआ है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एपीडा के बास्केट में आने वाले उत्पादों के लिए 2021-22 में 23.71 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है।

अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक के सबसे अधिक चावल का निर्यात हुआ है। यह 13 फ़ीसदी बढ़कर 7.7 अरब डॉलर का हो गया। गेहूं के निर्यात में 387 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है इसका निर्यात 35.8 करोड़ डॉलर से बढ़कर 174.2 करोड़ डॉलर हो गया। इसी तरह मीट और डेयरी तथा पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात में 13 फ़ीसदी, फल और सब्जियों के निर्यात में 16 फ़ीसदी, काजू में 11 फ़ीसदी अन्य अनाजों के निर्यात में 65 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है।

उत्पाद

अप्रैल-जनवरी 2021-22 में निर्यात (मिलियन डॉलर)

अप्रैल-जनवरी 2020-21 में निर्यात (मिलियन डॉलर)

वृद्धि (%)

चावल

7696

6793

13

मीट, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद

3408

3005

13

अनाज उत्पादन और अन्य प्रोसेस्ड आइटम

2956

2599

14

अन्य अनाज

869

527

65

काजू

383

345

11

गेहूं

1742

358

387

फल और सब्जियां

1207

1037

16

विविध प्रोसेस्ड आइटम

1448

1310

10

कुल

19,709

15,974

    23

 

एपीडा के चेयरमैन डॉ. एम अंगमुथु ने कहा कि हम निर्यात बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर क्लस्टर पर फोकस किया जा रहा है। एपीडा कृषि निर्यात नीति लागू करने के लिए जिन राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहा है उनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, असम, पंजाब, गुजरात और राजस्थान समेत 18 राज्य शामिल हैं। अथॉरिटी के अनुसार कृषि और प्रोसेस्ड उत्पादों के निर्यात में वृद्धि मुख्य रूप से विभिन्न देशों में उसकी तरफ से आयोजित की जाने वाले बी2बी प्रदर्शनी और नए बाजार तलाशने का नतीजा है।