जून के महीने में सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत कम बारिश के बाद जुलाई की शुरुआत बारिश के साथ हुई है। 1 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत की ओर बढ़ते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में प्रवेश कर गया। इसके साथ ही मानसून ने पूरे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को भी कवर कर लिया है। इन राज्यों में बुधवार को कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले दो दिनों में मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब तथा राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 3 जुलाई, 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से अगले 5-6 दिनों के दौरान देश के मध्य भागों में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान कोंकण एवं तटीय कर्नाटक में कई स्थानों पर, गुजरात में कुछ स्थानों पर तथा मध्य महाराष्ट्र, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई।
इसी अवधि में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र, तमिलनाडु, दक्षिण कर्नाटक, बिहार, झारखंड और विदर्भ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेमी) हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ स्थानों पर 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति रही।
बारिश में कमी घटकर 38 प्रतिशत
देश के कई राज्यों में मानसून के सक्रिय होने से 1 जून से 1 जुलाई के दौरान वर्षा की कमी घटकर 38 प्रतिशत रह गई है। इस अवधि में देश में 108.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 172.9 मिमी होती है।
आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना से खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि 25 जून तक खरीफ बुवाई का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत पीछे चल रहा था।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह के दौरान देश के बड़े हिस्से में बारिश की संभावना जताई है। 7 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, बिहार, असम, गुजरात, कोंकण, गोवा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के कई इलाकों में वर्षा का अनुमान है।
1 से 5 जुलाई के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा में, 2 से 5 जुलाई के दौरान मध्य महाराष्ट्र में तथा 3 और 4 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना है। 1 से 2 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 6 से 7 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा 5 से 7 जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
इसके अलावा 3 से 7 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 1 से 5 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा 1 से 7 जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान और 1 से 4 जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 से 7 जुलाई के दौरान तथा विदर्भ में 1 से 5 जुलाई और 7 जुलाई को कई स्थानों पर व्यापक वर्षा होने का अनुमान है।
इसी अवधि में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
