फरवरी में थोक महंगाई 2.13% बढ़ी; खाद्य महंगाई में तेजी, लेकिन आलू 27% और प्याज 41% सस्ता

खाद्य वस्तुओं की कीमतें फरवरी में 1.85% बढ़ीं, जबकि जनवरी में यह 1.41% और दिसंबर 2025 में -0.05% थीं। हालांकि पिछले महीने प्याज और आलू की कीमतों में सालाना आधार पर तेज गिरावट दर्ज की गई। प्याज की कीमतें 40.95% और आलू की कीमतें 27.42% तक कम हो गईं।

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर फरवरी 2026 में बढ़कर 2.13% हो गई, जो जनवरी में 1.81% थी। थोक खाद्य महंगाई में भी बढ़ोतरी देखी गई। खाद्य वस्तुओं की कीमतें फरवरी में 1.85% बढ़ीं, जबकि जनवरी में यह 1.41% और दिसंबर 2025 में -0.05% थीं। हालांकि पिछले महीने प्याज और आलू की कीमतों में सालाना आधार पर तेज गिरावट दर्ज की गई। प्याज की कीमतें 40.95% और आलू की कीमतें 27.42% तक कम हो गईं। 

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, थोक महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स, बेसिक मेटल्स, टेक्सटाइल्स और कई खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है। महीने-दर-महीने आधार पर फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक जनवरी 2026 की तुलना में 0.25% बढ़ा।

खाद्य वस्तुओं की कीमतों का रुझान

डब्लूपीआई फूड इंडेक्स, जिसमें प्राथमिक उत्पादों के अंतर्गत खाद्य वस्तुएं और मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों के अंतर्गत खाद्य उत्पाद शामिल हैं, जनवरी के 194.2 से घटकर फरवरी में 192.9 रह गया। इस सूचकांक के आधार पर वार्षिक महंगाई दर बढ़कर 1.85% हो गई।

प्राथमिक खाद्य वस्तुओं में महंगाई 3.27% तक पहुंच गई। धान की कीमतें 0.34% बढ़ीं, जबकि गेहूं की कीमतें 4.43% घट गईं। दालों की कीमतों में 5.92% की गिरावट आई, जबकि सब्जियों की कीमतें 4.73% बढ़ीं। सब्जियों में आलू की कीमतों में 27.42% की तेज गिरावट दर्ज की गई और प्याज की कीमतें 40.95% तक कम हो गईं। वहीं फलों की कीमतें 3.57% बढ़ीं, दूध की कीमतों में 3% की वृद्धि हुई और अंडा, मांस और मछली 5.36% महंगे हो गए।

मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों में खाद्य उत्पादों की कीमतें फरवरी में 1.12% बढ़ीं, जो फरवरी 2025 में दर्ज 11.62% की वृद्धि की तुलना में काफी कम है।

प्रमुख कमोडिटी समूहों में माह-दर-माह बदलाव 

प्राथमिक वस्तु समूह का सूचकांक, जिसका WPI में भार 22.62% है, जनवरी के 193.9 से घटकर फरवरी में 192.9 हो गया, यानी इसमें 0.52% की गिरावट आई। इस दौरान खाद्य वस्तुओं की कीमतें 1.33% और खनिजों की कीमतें 1.21% घटीं। हालांकि कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतें 4.17% बढ़ीं, जबकि गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 0.83% की वृद्धि हुई।

ईंधन और ऊर्जा समूह (भार 13.15%) का सूचकांक जनवरी के 145.9 से बढ़कर फरवरी में 147.6 हो गया, यानी इसमें 1.17% की वृद्धि हुई। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खनिज तेल की कीमतों में 2.05% की वृद्धि के कारण हुई, जबकि बिजली की कीमतों में 0.27% की गिरावट दर्ज की गई।

मैन्युफैक्चर्ड उत्पाद समूह, जिसका WPI में सबसे अधिक 64.23% भार है, फरवरी में 0.47% बढ़ा और इसका सूचकांक जनवरी के 147.5 से बढ़कर 148.2 हो गया। कुल 22 मैन्युफैक्चरिंग समूहों में से 16 में कीमतें बढ़ीं, जबकि पांच समूहों में गिरावट दर्ज की गई।

जिन प्रमुख श्रेणियों में कीमतों में वृद्धि हुई उनमें अन्य मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य उत्पाद, वस्त्र, विद्युत उपकरण और रसायन एवं रासायनिक उत्पाद शामिल हैं। वहीं बेसिक मेटल्स, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, फैब्रिकेटेड मेटल उत्पाद, लकड़ी से बने उत्पाद और चमड़ा उत्पाद जैसे क्षेत्रों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।