जल्द सिमटा पेराई सत्र, महाराष्ट्र की 94 फीसदी चीनी मिलों में क्रशिंग बंद, यूपी में घटी गन्ना आपूर्ति

चीनी सीजन 2025-26 में पेराई सत्र अपेक्षा से पहले सिमटता दिख रहा है। महाराष्ट्र की अधिकांश चीनी मिलों में क्रशिंग बंद हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश में गन्ने की कम आपूर्ति के कारण मिलें कम क्षमता पर चल रही हैं। उत्पादन पिछले साल से बेहतर जरूर है, लेकिन शुरुआती अनुमानों से कम रहने की संभावना है।

चालू चीनी सीजन (2025-26) के दौरान चीनी मिलों में पेराई कार्य जल्द समाप्ति की ओर है। मार्च के मध्य तक महाराष्ट्र की 90 फीसदी से अधिक चीनी मिलों में पेराई बंद हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश की अधिकांश चीनी मिलें कम क्षमता पर चल रही हैं। गन्ने की फसल पर मौसम और रोग की मार के चलते पैदावार में गिरावट आई है, जिसका असर चीनी उत्पादन पर पड़ा है। हालांकि, स्थिति पिछले साल से बेहतर है।

चीनी उद्योग के संगठन इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, 15 मार्च तक देश भर की 536 चीनी मिलों में से 379 मिलों में पेराई बंद हो चुकी है, जबकि 157 मिलें चल रही हैं। पिछले साल इसी समय तक 352 मिलें बंद हुई थीं और 182 मिलों में पेराई चल रही थी। देश का नेट चीनी उत्पादन (एथेनॉल डायवर्जन को छोड़कर) 262 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल 15 मार्च तक 237 लाख टन था।

इस तरह, पिछले साल के मुकाबले चीनी उत्पादन लगभग 10 फीसदी अधिक है। गौरतलब है कि पिछला सीजन गन्ने की फसल और चीनी उत्पादन के लिहाज से काफी खराब रहा था। रोग और मौसम की मार के चलते गत वर्ष देश का नेट चीनी उत्पादन करीब 18 फीसदी घटकर 261 लाख टन रह गया था। इस साल यह 290 लाख टन के आसपास रहने का अनुमान है। यानी चीनी उत्पादन के मामले में स्थिति पिछले साल से बेहतर है, लेकिन इंडस्ट्री के शुरुआती अनुमान से काफी कम है।

4 नवंबर 2025 को जारी चालू चीनी सत्र 2025-26 के पहले अग्रिम अनुमान में इस्मा ने देश में कुल 343.5 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया था। इसमें 34 लाख टन चीनी के एथेनॉल में डायवर्जन के बाद नेट चीनी उत्पादन 309.5 लाख टन रहने की उम्मीद थी। लेकिन बाद में गन्ने की फसल और पैदावार को देखते हुए चीनी उत्पादन के अनुमानों का घटा दिया था। 

25 फरवरी 2026 को जारी तीसरे अग्रिम अनुमान में इस्मा ने कुल चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर 324 लाख टन कर दिया। इसमें 31 लाख टन चीनी के डायवर्जन के बाद नेट उत्पादन 293 लाख टन रहने का अनुमान है।

15 मार्च तक देश में नेट चीनी उत्पादन 262 लाख टन तक पहुंच चुका है, जबकि 157 चीनी मिलों में पेराई जारी है। ऐसे में उम्मीद है कि सीजन की शेष अवधि में देश का नेट चीनी उत्पादन 290 लाख टन के आसपास पहुंच जाएगा।

देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में 120 चीनी मिलों में से 42 मिलों में पेराई बंद हो चुकी है, जबकि बाकी मिलें गन्ने की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण कम क्षमता पर चल रही हैं।

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में 15 मार्च तक 803 लाख टन गन्ने की पेराई हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक यह आंकड़ा 843 लाख टन था। इस प्रकार यूपी की मिलों को लगभग 40 लाख टन कम गन्ना मिला है।

यूपी में गन्ने की कम आपूर्ति के पीछे फसल में रोग, नई किस्मों का पर्याप्त प्रसार न होना और गुड़ व खांडसारी उद्योग में बेहतर दाम मिलना प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

YTD

15th March’2026

15th March’2025

 

Number of Factories

Sugar Production (Lac Tons)

Number of Factories

Sugar Production (Lac Tons)

ZONE

Started

Closed

Operating

Started

Closed

Operating

U.P.

120

42

78

81.30

122

39

83

81.20

Maharashtra

210

197

13

98.46

200

179

21

78.70

Karnataka

81

68

13

46.04

80

74

6

39.15

Gujarat

14

9

5

6.85

15

6

9

7.78

Tamil Nadu

30

5

25

4.72

30

1

29

3.69

Others

81

58

23

24.77

87

53

34

26.72

ALL INDIA

536

379

157

262.14

534

352

182

237.24

 (Source: ISMA, sugar production figures are after diversion of sugar into ethanol)

यूपी में रिकवरी बढ़ी, उत्पादन स्थिर

इस साल यूपी में गन्ने की रिकवरी गत वर्ष के 9.60 फीसदी से बढ़कर 10.15 फीसदी दर्ज की गई है। बढ़ी हुई रिकवरी के बावजूद कम गन्ना पेराई के चलते 15 मार्च तक यूपी का चीनी उत्पादन लगभग 81 लाख टन रहा, जो पिछले सीजन (2024-25) की समान अवधि के लगभग बराबर है।

शुरुआती अनुमानों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कम से कम 110 लाख टन चीनी उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन अब यह 90 लाख टन के आसपास रहने के आसार हैं। राज्य की 120 में से 42 मिलें पेराई बंद कर चुकी हैं, जबकि कई मिलें मार्च के आखिर तक बंद हो सकती हैं।

महाराष्ट्र-कर्नाटक का योगदान

महाराष्ट्र में 15 मार्च तक 98.46 लाख टन चीनी का नेट उत्पादन हुआ है, जो पिछले सीजन के 78.70 लाख टन से 25 फीसदी अधिक है। राज्य की 210 में से 197 चीनी मिलों में पेराई बंद हो चुकी है और नेट उत्पादन 100 लाख टन के आसपास रहने की उम्मीद है।

पिछले साल महाराष्ट्र में गन्ने की फसल बड़े पैमाने पर रोग और बारिश से प्रभावित हुई थी। इस साल राज्य में 1036 लाख टन गन्ने की पेराई हुई है, जो पिछले सीजन के 831 लाख टन से लगभग 25 फीसदी अधिक है।

कर्नाटक में भी चीनी उत्पादन में 17 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और यह 46 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि तक 39 लाख टन था। राज्य में पिछले साल 460 लाख टन गन्ने की पेराई हुई थी, जबकि इस साल यह बढ़कर 530 लाख टन हो गई है।