खरीफ 2026 के दौरान किसान भले ही उर्वरकों, खास कर यूरिया की कमी की शिकायत कर रहे हों, सरकार का दावा है कि सभी उर्वरक मांग की तुलना में काफी अधिक मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं। यही नहीं, बड़ी मात्रा में उनका स्टॉक भी पड़ा हुआ है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष 1 अप्रैल से 21 जुलाई तक देश में 97.98 लाख टन यूरिया, 23.52 लाख टन डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी), 5.32 लाख टन म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) और 40.39 लाख टन एनपीके उर्वरकों की बिक्री हुई है। मंत्रालय ने 21 जुलाई को कुल 139.34 लाख टन उर्वरक का स्टॉक होने का दावा किया है। इसमें 68.79 लाख टन यूरिया, 16.77 लाख टन डीएपी, 8.61 लाख टन एमओपी और 45.17 लाख टन एनपीके है।
मंत्रालय के अनुसार, 21 जुलाई तक राज्यों की तरफ से आई 112.09 लाख टन यूरिया की मांग की तुलना में उपलब्धता 166.78 लाख टन थी। इसी तरह डीएपी की 32.35 लाख टन मांग की तुलना में उपलब्धता 40.29 लाख टन, एमओपी की 10.29 लाख टन मांग के मुकाबले उपलब्धता 13.91 लाख टन और एनपीके की 49.58 लाख टन मांग की तुलना में उपलब्धता 85.56 लाख टन थी।
हाल में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के किसान यूरिया और डीएपी की उपलब्धता की शिकायत कर चुके हैं। लेकिन सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अभी तक 17.36 लाख टन यूरिया की बिक्री हुई है और 16.30 लाख टन का स्टॉक है। राज्य में 3.45 लाख टन डीएपी की बिक्री हुई है और 5.17 लाख टन का स्टॉक पड़ा है।
हरियाणा में 21 जुलाई तक 7.31 लाख टन यूरिया बिकी है जबकि स्टॉक 2.21 लाख टन का है। इसी तरह पंजाब में अभी 3.24 लाख टन यूरिया का स्टॉक पड़ा है और राज्य में अब तक 11.77 लाख टन की बिक्री हुई है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी 5.45-5.45 लाख टन का स्टॉक है।
पिछले साल पूरे खरीफ सीजन के दौरान 193.21 लाख टन यूरिया की बिक्री हुई थी, जबकि मांग 185.39 लाख टन और उपलब्धता 230.51 लाख टन थी। डीएपी की 56.99 लाख टन मांग के मुकाबले उपलब्धता 66.38 लाख टन की थी, जबकि बिक्री 46.33 लाख टन की थी। एमओपी की मांग 11.13 लाख टन, उपलब्धता 18.08 लाख टन और बिक्री 10.94 लाख टन थी। इसी प्रकार, एनपीके की मांग 45.73 लाख टन, उपलब्धता 82.64 लाख टन और बिक्री 37.37 लाख टन थी।
मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान उर्वरकों की कुल आवश्यकता 677.18 लाख टन थी। वर्ष 2024-25 के 649.43 लाख टन की तुलना में इसमें करीब चार प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इस वर्ष ग्लोबल टेंडर के जरिए सरकार ने अप्रैल में 25 लाख टन और जून में 17.7 लाख टन यूरिया की खरीद की है। यूरिया की घरेलू उत्पादन क्षमता अभी 269.42 लाख टन है, हालांकि ईरान युद्ध के कारण कच्चे माल की सप्लाई बाधित होने से घरेलू उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
उर्वरक विभाग के अनुसार, वर्ष 2023-24 में देश में यूरिया का उत्पादन रिकॉर्ड 314.07 लाख टन रहा। वर्ष 2025-26 के दौरान देश में 293.30 लाख टन यूरिया का उत्पादन हुआ था।