पिछले साल की तुलना में खरीफ फसलों का रकबा 1.60 प्रतिशत कम, धान का अंतर बढ़कर 3.74 प्रतिशत हुआ

4 सितंबर तक देश में खरीफ फसलों की बुवाई 1,086.31 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष से 1.60 प्रतिशत कम है। धान का रकबा 3.74 प्रतिशत पीछे है। हालांकि दलहन का क्षेत्र बढ़ा है, जबकि मोटे अनाज, तिलहन, कपास और गन्ने के रकबे में मामूली कमी दर्ज हुई है।

पिछले साल की तुलना में खरीफ फसलों का रकबा 1.60 प्रतिशत कम, धान का अंतर बढ़कर 3.74 प्रतिशत हुआ
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पिछले साल की तुलना में खरीफ फसलों की बुवाई का अंतर कम हो गया है। कृषि मंत्रालय के उपज (यूनिफाइड पोर्टल फॉर एग्रीकल्चरल स्टैटिस्टिक्स) पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह अंतर कुल मिलाकर 1.60 प्रतिशत है। हफ्ते भर पहले यह अंतर 1.73 प्रतिशत था। हफ्ते भर में कुल रकबा 15.21 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। 

खरीफ 2025-26 में 4 सितंबर तक बुवाई का आंकड़ा 1104 लाख हेक्टेयर था, जो इस साल 1086.31 लाख हेक्टेयर है। इस तरह पिछले साल की तुलना में खरीफ की बुवाई 17.69 लाख हेक्टेयर पीछे है। एक सप्ताह पहले यह अंतर 18.91 लाख हेक्टेयर था।

धान
एक सप्ताह में धान के रकबे में अंतर बढ़ा है। यह बीते वर्ष की तुलना में 3.74 प्रतिशत कम है, जबकि सप्ताह भर पहले यह अंतर 3.35 प्रतिशत था। अभी तक धान की बुवाई 421.82 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है, जो पिछले साल 438.19 लाख हेक्टेयर थी। हालांकि यह 412 लाख हेक्टेयर के पिछले वर्षों के औसत से अधिक है।

दलहन
दालों में कुलथी, मूंग व अन्य का रकबा पिछले साल से कम है, लेकिन सभी दालों का क्षेत्रफल खरीफ 2025-26  की तुलना में अधिक हो गया है। सभी दालों की बुवाई बीते वर्ष के 115.30 लाख हेक्टेयर की तुलना में 117.13 लाख हेक्टेयर में हो गई है। हालांकि यह 123.63 लाख हेक्टेयर के औसत से अभी पीछे है। अरहर की बुवाई पिछले साल के 44.93 लाख हेक्टेयर की तुलना में 45.66 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है। उड़द का रकबा भी 22.46 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 25.15 लाख हेक्टेयर हो गया है।

मोटे अनाज
मोटे अनाज के रकबे में गिरावट का अंतर हफ्ते भर में 2.31 प्रतिशत से घटकर 0.60 प्रतिशत रह गया है। सबसे अधिक 13.30 प्रतिशत गिरावट रागी में मक्का में 3.18 प्रतिशत है। रागी का क्षेत्र 8.77 लाख हेक्टेयर की तुलना में अभी 7.60 लाख हेक्टेयर है। मक्के का 94.08 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 91.09 लाख हेक्टेयर है। ज्वार का रकबा पिछले साल से 7.73 प्रतिशत, बाजरे का 3.16 प्रतिशत तथा अन्य छोटे मिलेट का 2.58 प्रतिशत अधिक है।

तिलहन
तिलहनी फसलों में बुवाई का अंतर हफ्ते भर में 0.52 प्रतिशत की तुलना में 0.56 प्रतिशत हुआ है। प्रमुख फसल सोयाबीन का रकबा पिछले साल के 122.98 लाख हेक्टेयर की तुलना में अभी 121.82 लाख हेक्टयर है। दूसरी प्रमुख फसल मूंगफली का रकबा भी 50.44 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 49.61 लाख हेक्टेयर है। तिल का क्षेत्र 9.50 लाख हेक्टेयर की तुलना में 10.94 लाख हेक्टेयर और सूरजमुखी का 0.64 लाख हेक्टेयर की तुलना में 1.25 लाख हेक्टेयर हो गया है। निगरसी में 13.29 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है तो कैस्टर सीड में 13.61 प्रतिशत की गिरावट है।

गन्ना, जूट और कपास
गन्ने का रकबा 58.47 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है, जो पिछले साल इस समय तक 58.87 लाख हेक्टेयर था। हालांकि पिछले वर्षों में इसका औसत क्षेत्र 54.20 लाख हेक्टेयर ही रहा है। जूट एवं मेस्ता भी 6.24 लाख हेक्टेयर की तुलना में 6.34 लाख हेक्टेयर हो गया है। लेकिन कपास का रकबा पिछले साल के 109.87 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस वर्ष अभी तक 109.17 लाख हेक्टेयर पहुंचा है। इसमें 0.63 प्रतिशत की गिरावट है।

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