केरल सरकार 100 टन प्याज खरीदकर 35 रुपये के भाव बेचेगी, बढ़ती कीमतों के बीच राज्य सरकार का फैसला

केरल सरकार प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच एनसीसीएफ के जरिए 100 टन प्याज खरीदेगी और इसे 35 रुपये प्रति किलो में बेचेगी। राज्य में कीमतें 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है।

केरल सरकार 100 टन प्याज खरीदकर 35 रुपये के भाव बेचेगी, बढ़ती कीमतों के बीच राज्य सरकार का फैसला

केरल सरकार ने राज्य में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बाजार में सीधे हस्तक्षेप करने का फैसला किया है। कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने बताया कि सरकार नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) के माध्यम से 100 टन प्याज खरीदेगी और इसे उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा।

राज्य के विभिन्न बाजारों में प्याज की कीमत बढ़कर 58 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कीमतों में इस तेज उछाल के बाद सरकार ने आपूर्ति बढ़ाने और बाजार में कृत्रिम दबाव को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। मंत्री ने कहा कि सरकार आवश्यक मात्रा में प्याज उपलब्ध कराने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।

सिद्दीकी के अनुसार, शुरुआती चरण में 30 टन प्याज की खरीद का ऑर्डर तुरंत दिया जाएगा और इसकी खेप दो से तीन दिनों में केरल पहुंचने की उम्मीद है। कृषि विभाग के तहत आने वाला हॉर्टीकॉर्प और सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन की सप्लाईको इसके वितरण की जिम्मेदारी संभालेंगे।

राज्य के कई बाजारों में प्याज की कीमतों में विशेष रूप से तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के नासिक और कर्नाटक के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में कीमतें बढ़ने का असर भी केरल के बाजार पर पड़ा है। इसके अलावा, थोक कारोबारियों द्वारा बड़ी मात्रा में प्याज का भंडारण और किसानों से बाजारों में कम आवक भी कीमत बढ़ने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

प्याज जल्दी खराब होने वाली उपज है, इसलिए सरकार ने इसके भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी तैयारी शुरू कर दी है। इनमें कृषि विभाग के नियंत्रण वाली वाझाकुलम की सुविधा के साथ-साथ राज्य के अन्य कोल्ड स्टोरेज भी शामिल हैं।

नारियल के पुनरुद्धार के लिए 500 करोड़ रुपये की योजना

सरकार ने राज्य में नारियल क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 500 करोड़ रुपये की नारियल पुनरुद्धार परियोजना तैयार करने का भी फैसला किया है। इसके लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता मांगी जाएगी। सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने हाल ही दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी। 17 अगस्त को नारियल विकास बोर्ड के साथ हुई बैठक के बाद कृषि विभाग ने परियोजना तैयार कर केंद्र को भेजने का निर्णय लिया।

राज्य सरकार कोझिकोड जिले के कुट्टियाडी में नारियल विकास पार्क स्थापित करने की भी योजना बना रही है। प्रस्तावित पार्क में गुणवत्तापूर्ण बीज और रोपण सामग्री, खेती एवं फसल प्रबंधन, विपणन, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और निर्यात से जुड़े कार्यों को एकीकृत किया जाएगा। इसके अलावा, नारियल के पेड़ों को प्रभावित करने वाली बीमारियों से निपटने के उपायों पर भी ध्यान दिया जाएगा। राज्य सरकार इस परियोजना के लिए केंद्र से सहयोग और वित्तीय सहायता मांगेगी।

Subscribe Rural Voice Newsletter