सरकार ने सोना-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% किया, पश्चिम एशिया संकट और विदेशी मुद्रा पर दबाव का असर

सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। जीएसटी सहित प्रभावी आयात शुल्क भार बढ़कर 18.45% हो गया है। इस कदम का उद्देश्य गैर-जरूरी आयात कम करना और विदेशी मुद्रा को बचाना है, हालांकि उद्योग जगत ने महंगाई, मांग में कमी और तस्करी बढ़ने की आशंका जताई है।

पश्चिम एशिया संकट के बीच गैर-जरूरी आयात पर लगाम लगाने और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की तरफ से 12 मई को जारी अधिसूचना संख्या 15/2026, 16/2026 और 17/2026 के बाद संशोधित शुल्क 13 मई से लागू हो गया।

पहले की व्यवस्था के तहत सोना और चांदी के आयात पर 5 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) और 1 प्रतिशत कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (AIDC) लगाया जाता था, जिससे कुल सीमा शुल्क 6 प्रतिशत बनता था। इसके अलावा 3 प्रतिशत एकीकृत जीएसटी (IGST) जोड़ने के बाद प्रभावी आयात शुल्क 9.18 प्रतिशत होता था।

अब सरकार ने बीसीडी को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है, जबकि एआईडीसी को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है। इसके परिणामस्वरूप कुल सीमा शुल्क बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। आईजीएसटी सहित प्रभावी आयात शुल्क 18.45 प्रतिशत तक पहुंच गया है। प्लैटिनम आयात भी इस फैसले से प्रभावित हुआ है। प्लैटिनम पर आयात शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही सोना-चांदी के सिक्कों और संबंधित उत्पादों पर भी समान बदलाव किए गए हैं।

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सरकार का कहना है कि यह फैसला गैर-जरूरी आयात को कम करने के लिए किया गया है ताकि विदेशी मुद्रा को कच्चे तेल, उर्वरक, औद्योगिक कच्चे माल तथा पूंजीगत वस्तुओं जैसे आवश्यक आयात के लिए प्राथमिकता दी जा सके। ये आर्थिक गतिविधियों और खाद्य सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। यह कदम दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता की अपील के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने गैर-जरूरी विदेशी मुद्रा खर्च को कम करने के लिए एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात कही थी।

थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के सोना-चांदी आयात में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सोने का आयात लगभग 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है। वहीं चांदी का आयात 12 अरब डॉलर से अधिक हो गया और इसमें सालाना आधार पर 150 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई।

आयात शुल्क बढ़ने का असर तुरंत बाजार में दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून डिलीवरी वाला सोना वायदा 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतों में करीब 7 प्रतिशत की तेजी आई और यह 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर के करीब पहुंच गई। पिछले तीन दिनों से ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है।