वीबी जी राम जी एक्ट के तहत ग्रामीण मजदूरी दरों में संशोधन, 1 जुलाई से न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये

केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से लागू VB-G RAM G अधिनियम के तहत ग्रामीण मजदूरी दरों में संशोधन करते हुए 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम आधार मजदूरी तय की है। नए कानून में रोजगार गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। राज्यों के लिए 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया गया है।

केंद्र सरकार ने विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 के तहत संशोधित मजदूरी दरों को अधिसूचित कर दिया है। नई मजदूरी दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं। आज ही यह नया ग्रामीण रोजगार कानून पूरे देश में प्रभावी हुआ। संशोधित अधिसूचना के तहत पहली बार 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम आधार मजदूरी निर्धारित की गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना के तहत किसी भी श्रमिक को प्रतिदिन 300 रुपये से कम मजदूरी न मिले।

यह अधिसूचना वीबी-जी राम जी अधिनियम के लागू होने के साथ जारी की गई है। इस नए कानून के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार गारंटीकी अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, संशोधित मजदूरी दरें सभी 34 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में लागू की गई हैं। इनमें से 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले मजदूरी दर 300 रुपये से कम थी, जिन्हें अब नई आधार मजदूरी तक बढ़ा दिया गया है।

सरकार के अनुसार, मनरेगा के तहत राष्ट्रीय औसत अधिसूचित मजदूरी 298.8 रुपये प्रतिदिन थी, जो अब VB-G RAM G के तहत बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है। यानी औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन या 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संशोधित मजदूरी दरों का उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना और राज्यों के बीच लंबे समय से चली आ रही मजदूरी असमानताओं को कम करना है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में पहले मजदूरी दर अपेक्षाकृत कम थी, वहां सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है ताकि सबसे अधिक जरूरतमंद श्रमिकों को अधिक लाभ मिल सके।

सबसे अधिक लाभ अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के श्रमिकों को मिलेगा, जहां मजदूरी में लगभग 24.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा सहित कई राज्यों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।

जिन राज्यों में पहले से मजदूरी दर 300 रुपये से अधिक थी, वहां भी निर्धारित पद्धति के अनुसार संशोधन किया गया है। नई अधिसूचना के बाद हरियाणा (409 रुपये), गोवा (406 रुपये), केरल (401 रुपये) तथा सिक्किम के उच्च ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों (450 रुपये) में अधिसूचित मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन से अधिक हो गई है।

VB-G RAM G अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया है। सरकार का कहना है कि इससे योजना के सुचारू संचालन, समय पर मजदूरी भुगतान और नए ढांचे में निर्बाध परिवर्तन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार के अनुसार, बढ़ी हुई रोजगार गारंटी और संशोधित मजदूरी दरों से ग्रामीण आय में वृद्धि होगी, क्रय शक्ति मजबूत होगी, टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण होगा और समावेशी एवं सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।