केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों की अधिक भागीदारी के जरिए कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को मजबूत करने की कार्ययोजना की समीक्षा की। सरकार ने मार्च 2027 तक 300 प्राथमिकता वाले केवीके के बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय मंत्री ने 300 प्राथमिकता वाले केवीके का निर्धारित समयसीमा में अपग्रेडेशन पूरा करने के लिए राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी और समय पर वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. मंगल लाल जाट तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। DARE की ओर से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ चर्चा कर केवीके के उन्नयन के लिए वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कई राज्यों ने राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और छत्तीसगढ़ को विश्वविद्यालयों और केवीके की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) मिल चुकी है, जबकि अन्य राज्य तैयारी और क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
बैठक में दिसंबर 2028 तक सभी केवीके में इन्क्यूबेशन-सह-स्किल सेंटर स्थापित करने के लक्ष्य की भी समीक्षा की गई। इसके तहत केवीके को कृषि आधारित उद्यमों, तकनीकी साझेदार संस्थानों और जिले की विशिष्ट कृषि संभावनाओं से जोड़ा जा रहा है। प्रत्येक केवीके के लिए इन्क्यूबेशन योजना तैयार की जा रही है, जिसे वित्तीय और क्रियान्वयन सहयोग के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के समक्ष रखा जाएगा।
बैठक में केवीके कर्मचारियों से जुड़े सुधारों पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पदोन्नति से संबंधित प्रस्तावों को व्यय विभाग की मंजूरी मिल चुकी है। राज्यों से जहां लागू हो, एनपीएस अंशदान और सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध कराने तथा रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती करने का आग्रह किया गया।
मौसमी कृषि कार्यक्रमों के लिए केवीके को समय पर धनराशि जारी करने पर भी जोर दिया गया। 2026-27 के लिए दलहन और तिलहन पर क्लस्टर फ्रंटलाइन प्रदर्शन कार्यक्रम 24 राज्यों के 353 केवीके/जिलों में लागू किया जा रहा है। इसके तहत 12,349 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 9,750 हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया जा चुका है।
राज्यों से अटारी (एटीएआरआई) और केवीके स्तर तक धनराशि का सुचारु प्रवाह सुनिश्चित करने, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं अनुशंसित किस्मों की समय पर उपलब्धता तथा प्रदर्शन कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय के लिए कहा गया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केवीके को मजबूत बनाने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय, आधुनिक बुनियादी ढांचा, पर्याप्त मानव संसाधन और समय पर वित्तीय सहायता जरूरी है। मजबूत केवीके नेटवर्क के माध्यम से किसानों और ग्रामीण समुदायों तक वैज्ञानिक ज्ञान, आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत किस्मों, कौशल, नवाचार और उद्यमिता के अवसर पहुंचाने में मदद मिलेगी।