Leap 300 की चार राज्यों के साथ साझेदारी, 5 लाख ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिलेगा AI आधारित सहयोग

Leap 300 ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार सरकारों के साथ साझेदारी की है। इसका मकसद 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिला उद्यमियों को AI आधारित व्यावसायिक मार्गदर्शन, डिजिटल अकाउंटिंग और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। शुरुआती परिणामों में कारोबार के विविधीकरण के साथ महिलाओं की आय में वृद्धि के संकेत मिले हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फर्म लीप 300 (Leap 300) ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार में सरकारी कार्यक्रमों के लिए साझेदारी की है। इसके तहत एआई (AI) आधारित व्यावसायिक मार्गदर्शन, डिजिटल उपकरणों और जमीनी स्तर पर सहायता के जरिए 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिला उद्यमियों को सहयोग दिया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य कम आय वाले ग्रामीण परिवार की महिलाओं को मौजूदा सरकारी नेटवर्क का उपयोग करते हुए टिकाऊ कारोबार स्थापित करने और उसका विस्तार करने में मदद करना है। इस मॉडल में कारोबार की योजना बनाने, उद्यमिता प्रशिक्षण, व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप AI सहायता और वित्तीय प्रबंधन के उपकरणों को 300 दिनों के एक व्यवस्थित कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

इस पहल के तहत महिलाएं Leap 300 के ऐप का उपयोग करके AI की मदद से व्यावसायिक योजनाएं तैयार करती हैं, आवाज आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से कारोबार चलाने के कौशल सीखती हैं और डिजिटल माध्यम से अपने खातों का रिकॉर्ड रखती हैं। इसका AI सलाहकार व्यापार मित्र (Vyapar Mitra) स्थानीय भाषाओं में व्यक्तिगत सुझाव और जरूरत के अनुसार व्यावसायिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है। यह सरकारी फील्ड कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित करता है, ताकि वे उद्यमियों को बेहतर और एकसमान सहायता दे सकें।

उत्तर प्रदेश: एक लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश में Leap 300 राज्य के नियोजन विभाग के साथ जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के तहत काम कर रहा है। इस साझेदारी का लक्ष्य तीन वर्षों में एक लाख परिवारों तक पहुंचना है, जिनमें पहले वर्ष 50,000 परिवार शामिल हैं। इस मॉडल का विस्तार राज्य में जीरो पॉवर्टी पहल के तहत चिह्नित लगभग 12.36 लाख परिवारों तक भी किया जा सकता है।

हरियाणा: ऋण आधारित उद्यमिता को बढ़ावा

हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ प्रस्तावित साझेदारी के तहत तीन वर्षों में 1,200 महिला उद्यमियों को सहयोग देने का लक्ष्य है। कार्यक्रम में ऋण की उपलब्धता के साथ व्यावसायिक योजना, AI आधारित मार्गदर्शन और प्रशिक्षित फील्ड कर्मचारियों की सहायता शामिल होगी।

पंजाब: कारोबार शुरू करने में तेजी, आय में वृद्धि

पंजाब के ऋण आधारित पहल (PEHEL) कार्यक्रम के तहत प्रति ब्लॉक मासिक ऋण वितरण की संख्या चार से बढ़कर 25 हो गई। वहीं, कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय लगभग तीन महीने से घटकर 12 दिन रह गया। पहली बार उद्यम शुरू करने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी 15% से बढ़कर 45% हो गई। प्रतिभागी महिलाएं 51 तरह के कारोबार चला रही हैं।

कम से कम तीन महीने से कारोबार कर रही महिलाओं की आय उनके शुरुआती स्तर की तुलना में लगभग 1.5 गुना दर्ज की गई। कार्यक्रम में अब तक ऋण लौटाने की दर 100% बताई गई है। पंजाब का दीर्घकालीन लक्ष्य 1.5 लाख महिला उद्यमियों को सहयोग देना है।

बिहार: पशुपालन से आगे बढ़कर विविध कारोबार

बिहार की जीविका (JEEViKA) की सतत जीविकोपार्जन योजना में Leap 300 के पायलट कार्यक्रम के तहत एक प्रतिशत से भी कम कारोबार पशुपालन आधारित थे। इसके विपरीत, उन्हीं ब्लॉकों में व्यापक कार्यक्रम के तहत लगभग 60% कारोबार पशुपालन से जुड़े थे। पायलट में महिलाओं ने खुदरा व्यापार, खाद्य कारोबार और कौशल आधारित सेवाओं जैसे विविध उद्यम शुरू किए।

सितंबर 2026 तक, संबंधित प्रशिक्षित प्रतिभागियों में से 87% ने व्यापार मित्र का इस्तेमाल किया था, जबकि 95% महिलाएं नियमित रूप से डिजिटल माध्यम से अपने कारोबार का लेखा-जोखा रख रही थीं। जीविका के तहत तीन लाख परिवारों को शामिल करने की योजना है।

Leap 300 के सह-संस्थापक विनोद रघुवंशी ने कहा कि मौजूदा सरकारी नेटवर्क के माध्यम से AI ग्रामीण महिलाओं को व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप व्यावसायिक विशेषज्ञता उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। संगठन के अनुसार, उसके व्यापक कार्यक्रम में 90% प्रतिभागियों ने निर्धारित कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है और उनकी औसत आय में लगभग 250% की वृद्धि दर्ज की गई है। इन राज्य स्तरीय साझेदारियों का उद्देश्य इस मॉडल का विस्तार करना है। हालांकि, वास्तविक परिणाम कार्यक्रम के क्रियान्वयन और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।