किसानों के लिए एग्री वेलफेयर पोर्टल लॉन्च, मोबाइल पर मिलेगी योजनाओं और सरकारी सेवाओं की जानकारी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया पोर्टल का शुभारंभ, पीएम-किसान और फसल बीमा सहित कई योजनाओं के लिए बनेगा सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म

किसानों के लिए एग्री वेलफेयर पोर्टल लॉन्च, मोबाइल पर मिलेगी योजनाओं और सरकारी सेवाओं की जानकारी

केंद्रीय कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को किसानों के लिए संशोधित एग्री वेलफेयर पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, आर्थिक सहायता और खेती-किसानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मोबाइल फोन पर ही उपलब्ध होंगी। इसका उद्देश्य किसानों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना तथा सरकारी सेवाओं को सीधे उन तक पहुंचाना है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और किसान कल्याण के विजन को आगे बढ़ाने के लिए इस पोर्टल को तैयार किया गया है। यह किसानों के लिए एक साझा डिजिटल मंच के रूप में काम करेगा, जहां मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी।

योजनाओं की जानकारी एक जगह

एग्री वेलफेयर पोर्टल पीएम-किसान, एग्रीस्टैक और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी प्रमुख पहलों के लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। इसके जरिए किसान योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने, अपनी पात्रता जांचने और उपलब्ध डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने में सक्षम होंगे।

पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से जुड़ी सुविधाओं के माध्यम से सरकारी सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है। इससे किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में होने वाली परेशानी कम करने और बिचौलियों की भूमिका सीमित करने में मदद मिल सकती है।

एफपीओ, पैक्स, वैज्ञानिक और स्टार्टअप भी जुड़ेंगे

पोर्टल के शुभारंभ के अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि सरकार हर समय आम नागरिकों और किसानों के लिए मोबाइल पर उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि तकनीक की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ सीधे खेतों तक पहुंचे और किसानों का जीवन आसान बने।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, यह मंच केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप्स को भी जोड़ने की योजना है।

मौसम, बीज-खाद और मंडी भाव की जानकारी 

मंत्रालय के मुताबिक, पोर्टल पर किसानों को मौसम की जानकारी, वैज्ञानिक खेती के तरीके, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता तथा मंडियों के भाव से संबंधित प्रामाणिक सूचनाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे किसानों को खेती से जुड़े फैसले लेने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पोर्टल को हल्का, मोबाइल-अनुकूल और उपयोग में आसान बनाया गया है। इसे सामान्य स्मार्टफोन और कमजोर इंटरनेट नेटवर्क पर भी इस्तेमाल करने के लिहाज से तैयार किया गया है।

छोटे और सीमांत किसानों के लिए प्रशिक्षण अभियान

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी सही, पूर्ण और समय पर अपडेट होनी चाहिए। उन्होंने कह कि पोर्टल की भाषा और प्रक्रियाएं इतनी सरल हों कि कम पढ़े-लिखे छोटे और सीमांत किसान भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकें। किसानों को डिजिटल सुविधाओं के उपयोग में दक्ष बनाने के लिए देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा।

कृषि मंत्रालय के अनुसार, संशोधित पोर्टल को सुरक्षित, मोबाइल-अनुकूल और दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बनाया गया है। स्क्रीन रीडर और सरल नेविगेशन जैसी सुविधाओं के माध्यम से दृष्टिबाधित और अन्य दिव्यांग उपयोगकर्ता भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने पोर्टल को समय पर तैयार करने के लिए तकनीकी टीम की सराहना की। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतीश चंद्रा, अतिरिक्त सचिव प्रमोद मेहरदा तथा कृषि मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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