रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली, वोट चोरी के खिलाफ दिखाई एकजुटता
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की बात कही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटना पड़ेगा और उन्हें जेल भी जाना पड़ेगा। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी वोट चोरी के आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार के बाद विपक्ष इन दोनों नेताओं के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग करेगा।
महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत समेत 20 दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए।
मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक निकाला मार्च
महारैली से पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला। भारी भीड़ के चलते इस मार्च को रामलीला मैदान पहुंचने में करीब तीन घंटे लगे। रामलीला मैदान ही नहीं, बल्कि आसपास की कई किलोमीटर लंबी सड़कों पर भी लोगों की भारी भीड़ नजर आई। मैदान के बाहर खड़े लोगों ने भी नेताओं के भाषण सुने।
‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों के बीच राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल की आवाज नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की जनता की आवाज है। जनता लोकतंत्र और संविधान को खत्म नहीं होने देना चाहती। उन्होंने कहा कि देश में पिछले कई वर्षों से वोट चोरी हो रही है और विपक्ष इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रहा है।

13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का हवाला देते हुए दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए। उनके मुताबिक, इसका मतलब है कि करीब हर सात में से एक मतदाता का नाम सूची से बाहर कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए और इंडिया गठबंधन के वोट शेयर में करीब तीन प्रतिशत का अंतर था, जबकि इसके बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटा दिए। राहुल गांधी ने इन आंकड़ों के आधार पर 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के अलावा पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में भी ईवीएम और मतदाता सूचियों के माध्यम से गड़बड़ियां की गईं।

राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का जवाब देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा सकते और अगर वे जाना भी चाहें तो विपक्ष उन्हें जाने नहीं देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने वोट चोरी की है और अडानी को राष्ट्रीय संपत्तियां बेची हैं। उन्होंने कहा कि देश उनसे इन मुद्दों पर जवाब और न्याय मांगेगा।
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर देश की संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संस्थाओं पर कब्जे का असर किसानों, युवाओं और मजदूरों पर पड़ रहा है। किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और मजदूरों को न्याय नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संपत्ति अडानी और अंबानी के हाथों में जा रही है।
खरगे बोले- वोट चोरी करने वाले बच नहीं पाएंगे
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपने करीबी ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बैठाया और उनके जरिए मतदाताओं के नाम कटवाने का काम किया।
खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे बच नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन उन्हें कहीं भी छिपने पर ढूंढ़कर बाहर निकालेगा।
खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री खुद मतदाताओं का चयन कर रहे हैं और जनता उन्हें नहीं चुन रही। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में वोट चोरी के जरिए भाजपा की सरकारें चल रही हैं। उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से वोट चोरी करने वालों को सत्ता से हटाने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
खरगे ने कहा कि यह लड़ाई देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र की रक्षा के लिए मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाना जरूरी है।

20 दलों के नेताओं ने दिखाई एकजुटता
महारैली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अलावा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन, डीएमके, वामपंथी दलों और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, सीपीआई नेता डी राजा और सीपीएम नेता एमए बेबी समेत विभिन्न दलों के नेताओं की मौजूदगी ने विपक्षी एकजुटता का संदेश दिया।
रैली में विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने, चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखने की मांग उठाई।

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