धानुका एग्रीटेक का दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 16.23% बढ़कर 109.22 करोड़ रुपये, राजस्व में 9.91% वृद्धि
धानुका एग्रीटेक का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 16.23 प्रतिशत बढ़कर 109.22 करोड़ रुपये हो गया। राजस्व 9.91 प्रतिशत बढ़कर 657.51 करोड़ रुपये रहा। मौसमी मांग और बेहतर लाभप्रदता के चलते EBITDA में 11.88 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 16.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 109.22 करोड़ रुपये हो गया। बेहतर लाभप्रदता और स्थिर मांग से कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती मिली। इस दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 9.91 प्रतिशत बढ़कर 657.51 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 598.25 करोड़ रुपये था।
कंपनी का कर पूर्व लाभ (PBT) भी वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 16.27 प्रतिशत बढ़कर 146.47 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 125.97 करोड़ रुपये था। ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय (EBITDA) में 11.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 152.97 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
कंपनी का सकल लाभ 6.62 प्रतिशत बढ़कर 270.77 करोड़ रुपये रहा। हालांकि सकल लाभ मार्जिन में गिरावट दर्ज की गई। यह वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के 42.45 प्रतिशत से घटकर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 41.18 प्रतिशत रह गया। इससे संकेत मिलता है कि कुल लाभप्रदता में सुधार के बावजूद मार्जिन पर कुछ दबाव रहा।
कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल धानुका ने वित्तीय प्रदर्शन पर कहा कि सीजन में बेहतर चैनल इन्वेंट्री निकासी और स्थिर मांग से लाभप्रदता में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत करने, बाजार में उपस्थिति बढ़ाने और किसानों के साथ जुड़ाव को गहरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके साथ ही कंपनी सतत विकास और इनोवेशन आधारित कारोबारी मॉडल विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहुल धानुका ने भारतीय कृषि क्षेत्र में फसल उत्पादकता बढ़ाने, उन्नत फसल संरक्षण समाधान विकसित करने और आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों को अपनाने की व्यापक संभावनाओं का भी उल्लेख किया। कंपनी के अनुसार, नवाचार और किसान-केंद्रित समाधानों में निरंतर निवेश उसकी दीर्घकालिक विकास रणनीति का प्रमुख हिस्सा बना रहेगा। 30 अक्टूबर 2026 को हुई निदेशक मंडल की बैठक में 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय परिणामों की समीक्षा के बाद उन्हें मंजूरी दी गई।

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