USDA ने भारत के चीनी उत्पादन का अनुमान 14% घटाया, कमजोर मानसून और जलभराव से फसल प्रभावित

अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने भारत में 2026-27 सीजन के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान 14 प्रतिशत घटाकर 295 लाख टन कर दिया है। अनियमित मानसून, लंबे सूखे, खेतों में जलभराव और कीटों के प्रकोप से गन्ने की पैदावार और चीनी की रिकवरी दर प्रभावित होने की आशंका है। इससे घरेलू खपत और चीनी उत्पादन के बीच का अंतर बढ़ सकता है।

USDA ने भारत के चीनी उत्पादन का अनुमान 14% घटाया, कमजोर मानसून और जलभराव से फसल प्रभावित

अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने भारत में चीनी उत्पादन का अनुमान 336 लाख टन से घटाकर 295 लाख टन कर दिया है। यह पहले के अनुमान से करीब 14 प्रतिशत कम है। अल नीनो प्रभाव, मानसून के दौरान अनियमित बारिश और गन्ने की पैदावार में गिरावट के कारण 2026-27 सीजन में चीनी उत्पादन घटने की आशंका है।

USDA की विदेश कृषि सेवा (FAS) की ओर से जारी Sugar Semi-annual रिपोर्ट के अनुसार, अनियमित बारिश, खेतों में जलभराव और कीटों के प्रकोप से गन्ने की उपज तथा चीनी की रिकवरी दर प्रभावित होने की आशंका है। इससे घरेलू खपत और चीनी उत्पादन के बीच का अंतर बढ़ सकता है।

USDA ने 2026-27 मार्केटिंग वर्ष के लिए भारत में गन्ने के बुवाई क्षेत्र का अनुमान एक प्रतिशत से भी कम घटाकर 59 लाख हेक्टेयर कर दिया है। पहले इसके 59.5 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान था। कुछ किसान गन्ने की जगह अधिक लाभ देने वाली नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, फिलहाल यह बदलाव सीमित है।

गन्ना पैदावार और रिकवरी पर मौसम की मार

रिपोर्ट के अनुसार, गन्ने की मौजूदा फसल की स्थिति अच्छी दिखाई दे रही है, लेकिन अनियमित बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया है। USDA ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ना उत्पादन 43.4 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया है, जो पहले के 45.5 करोड़ टन के अनुमान से करीब 6 प्रतिशत कम है।

महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में किए गए फसल बाद सर्वेक्षणों के आधार पर गन्ने उपज के अनुमान में भी पिछले अनुमान की तुलना में एक प्रतिशत की कमी की गई है। इसकी प्रमुख वजह अल नीनो से जुड़ी मौसम की अनिश्चितता है।

वर्ष 2026 में बारिश की भारी कमी के कारण गन्ने में सुक्रोज की मात्रा घटने और चीनी की रिकवरी दर प्रभावित होने की आशंका है। फसल की महत्वपूर्ण वृद्धि अवधि के दौरान बारिश की कमी और लंबे समय तक सूखे जैसे हालात ने प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में फसल की बढ़वार को प्रभावित किया है। इससे गन्ने का वजन और प्रति हेक्टेयर पैदावार, दोनों घटने की आशंका है।

इसके अलावा, महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के कारण कुछ गन्ना क्षेत्रों में जलभराव हुआ, जिससे उपज पर प्रतिकूल असर पड़ा। उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में रेड बोरर कीट का प्रकोप भी देखा गया। इन परिस्थितियों के चलते चीनी की रिकवरी दर 8.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 

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