इफको ने 55वीं एजीएम में महिला कोऑपरेटिव लीडर्स को सम्मानित किया, वर्ष 2025-26 में 4,585 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया
इफको की 55वीं वार्षिक आम बैठक में पहली बार महिला सहकारी नेताओं को ‘इफको सहकारिता रत्न’ और ‘इफको सहकारिता बंधु’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जम्मू-कश्मीर की शकीला अख्तर और गुजरात की भावना गोंडलिया को महिला किसानों और सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में योगदान के लिए 11-11 लाख रुपये के पुरस्कार दिए गए। एजीएम में इफको ने 4585 करोड़ रुपये के लाभ, कर्मचारियों के लिए रिकॉर्ड प्रोत्साहन और सतत कृषि पर अपने फोकस की भी घोषणा की।
विश्व की अग्रणी उर्वरक सहकारी संस्थान 'इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड' (IFFCO) ने अपनी 55वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में महिला सशक्तिकरण और सहकारिता आंदोलन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पहली बार महिला सहकारी नेताओं को प्रतिष्ठित ‘इफको सहकारिता रत्न’ और ‘इफको सहकारिता बंधु’ पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर की शकीला अख्तर और गुजरात की भावना गोंडलिया को सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने तथा ग्रामीण समुदायों, विशेषकर महिला किसानों को सशक्त बनाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
वर्ष 2024-25 के लिए ‘इफको सहकारिता रत्न पुरस्कार’ शकीला अख्तर को प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत उन्हें 11 लाख रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की गई। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025-26 को “महिला किसान वर्ष” घोषित किए जाने के संदर्भ में यह सम्मान उन्हें विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर सहित देशभर में महिला कृषि एवं सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए दिया गया।

वहीं, भावना गोंडलिया को वर्ष 2024-25 का ‘इफको सहकारिता बंधु पुरस्कार’ प्रदान किया गया। उन्हें भी 11 लाख रुपये की नकद राशि के साथ सम्मानित किया गया। यह सम्मान कृषि क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण और सहकारी आंदोलन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिया गया।
एजीएम को संबोधित करते हुए इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि सहकारी समितियों, किसानों और पेशेवर कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों ने इफको को दुनिया की अग्रणी सहकारी संस्थाओं में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि इफको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन का सशक्त उदाहरण है, जिसका उद्देश्य किसानों और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर सहकारी व्यवस्था के माध्यम से सशक्त बनाना है।
इफको के प्रबंध निदेशक के.जे. पटेल ने बताया कि वर्ष 2025-26 में संस्था ने 4585 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। इफको कर्मचारियों के लिए इस वर्ष 490.65 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन घोषित किया गया, जिसे उन्होंने अब तक का सबसे बड़ा प्रोत्साहन बताया। इफको अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसके लिए अतिरिक्त 140 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया है।

इफको ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 90.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का उत्पादन किया, जिसमें 48.29 लाख मीट्रिक टन यूरिया तथा 42.34 लाख मीट्रिक टन एनपीके, डीएपी, डब्ल्यूएसएफ और विशेष उर्वरक शामिल हैं। संस्था का कर पूर्व लाभ 4200 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है।
देशभर से 850 से अधिक सहकारी नेता, सदस्य समितियां, किसान प्रतिनिधि और अन्य हितधारक इस एजीएम में शामिल हुए। एजीएम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में इफको की नई पहलों और निवेशों को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इसमें भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल), राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल), इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी, इफको बाजार, किसान रूरल फाइनेंस और अन्य पहलों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। इफको भारत टैक्सी में इक्विटी हिस्सेदारी के साथ अहम भूमिका निभा रही है।
इफको ने सतत कृषि को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नैनो उर्वरकों के व्यापक उपयोग और छोटे एवं सीमांत किसानों को अधिक सहयोग देने पर विशेष जोर दिया। संस्था ने कहा कि नैनो तकनीक, ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से कृषि-खाद्य क्षेत्र में बदलाव लाने की दिशा में कार्य जारी है।

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