मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयरों में मंगलवार को कारोबार के पहले दिन करीब 30% का उछाल आया। कंपनी के वैल्यू-एडेड डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग और दक्षिण भारत में मजबूत उपस्थिति को देखते हुए निवेशकों में इसके शेयरों के प्रति अच्छी मांग देखने को मिली।
कंपनी के शेयर एनएसई पर 181.50 रुपये पर बंद हुए, जबकि इसका इश्यू प्राइस 140 रुपये प्रति शेयर था। इस स्तर पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 13,969 करोड़ रुपये हो गया है। मंगलवार को शेयरों की लिस्टिंग 165 रुपये के भाव पर हुई, जो इश्यू प्राइस से 18% अधिक था।
मिल्की मिस्ट के 1,553 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली और यह 56.12 गुना सब्सक्राइब हुआ। आईपीओ को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी मुख्य रूप से ब्रांड की मजबूत पहचान और वैल्यू-एडेड डेयरी उत्पादों की तेजी से बढ़ती मांग वाले बाजार में कंपनी की मौजूदगी के कारण रही।
मिल्की मिस्ट भारत की प्रमुख वैल्यू-एडेड डेयरी उत्पाद कंपनियों में शामिल है। इसके उत्पाद पोर्टफोलियो में पनीर, मक्खन, चीज, आइसक्रीम और ग्रीक योगर्ट जैसे उत्पाद शामिल हैं। कंपनी ने विशेष रूप से योगर्ट और हाई-प्रोटीन डेयरी उत्पादों जैसी तेजी से बढ़ती श्रेणियों में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है।
आईपीओ से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 465 करोड़ रुपये जुटाए थे। इनमें सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड शामिल थे।
मिल्की मिस्ट ने सालाना करीब 30% राजस्व वृद्धि का लक्ष्य रखा है। कंपनी आईपीओ से प्राप्त राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के साथ-साथ तमिलनाडु के पेरुंदुरई स्थित अपने प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विस्तार और आधुनिकीकरण पर करेगी।
कंपनी की मजबूत लिस्टिंग ऐसे समय हुई है जब भारत का डेयरी बाजार पारंपरिक दूध खपत से आगे बढ़कर वैल्यू-एडेड उत्पादों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। पैकेज्ड चीज, योगर्ट, पनीर और प्रोटीन से भरपूर डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग संगठित डेयरी कंपनियों के लिए नए विकास के अवसर पैदा कर रही है।