अगस्त में चावल, मरीन, मीट निर्यात में बढ़ोतरी लेकिन मसाले, फल-सब्जी और ऑयल मील में गिरावट

अगस्त 2026 में भारत का कुल निर्यात 26.1 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन कृषि निर्यात में अलग-अलग उत्पादों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। चावल, मरीन उत्पाद, मीट-डेयरी-पोल्ट्री और कॉफी के निर्यात में वृद्धि हुई, जबकि मसाले, फल-सब्जी, तिलहन, ऑयल मील और चाय घटे। दूसरी ओर, दाल, फल-सब्जी और उर्वरक आयात तेजी से बढ़े।

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अगस्त 2026 में भारत के कृषि और संबद्ध उत्पादों के निर्यात में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। चावल, मरीन उत्पाद, मीट-डेयरी-पोल्ट्री और कॉफी के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मसाले, फल-सब्जियां, तिलहन, ऑयल मील और चाय के निर्यात में गिरावट आई। दूसरी ओर, कृषि क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख उत्पादों के आयात में तेज बढ़ोतरी हुई। अगस्त में दालों का आयात 77 प्रतिशत, फल-सब्जियों का 33.9 प्रतिशत और उर्वरकों का 13.6 प्रतिशत बढ़ा। 

चावल, मरीन उत्पाद और मीट-पोल्ट्री निर्यात में बढ़ोतरी

चावलः अगस्त 2026 में 91.8 करोड़ डॉलर का निर्यात हुआ, जो अगस्त 2025 में 88.1 करोड़ डॉलर था। इसमें 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान 481.2 करोड़ डॉलर का चावल निर्यात हुआ, जो पिछले साल 471 करोड़ डॉलर था। इस तरह वित्त वर्ष के पहले पांच महीने में चावल निर्यात में 2.2 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।

मरीन उत्पादः अगस्त में इनका निर्यात 59.6 करोड़ डॉलर से 27.8 प्रतिशत बढ़कर 76.1 करोड़ डॉलर हो गया। अप्रैल-अगस्त के दौरान मरीन निर्यात में 14.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह 319.4 करोड़ डॉलर से बढ़कर 365.1 करोड़ डॉलर हो गया।

मीट, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादः पिछले महीने इनका निर्यात 50.6 करोड़ डॉलर से 37.1 प्रतिशत बढ़कर 69.4 करोड़ डॉलर हो गया। वित्त वर्ष के पहले पांच महीने में इनके निर्यात में 43.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह 217.7 करोड़ डॉलर की तुलना में 313.2 करोड़ डॉलर हो गया है।

अनाज से बने उत्पादों का निर्यात 28.8 करोड़ डॉलर से 7.4 प्रतिशत बढ़कर 30.9 करोड़ डॉलर हुआ है। अप्रैल-अगस्त के दौरान इनका निर्यात पिछले साल के 137 करोड़ डॉलर की तुलना में 5.3 प्रतिशत वृद्धि के साथ इस वर्ष 144.3 करोड़ डॉलर रहा है।

कॉफीः इसका निर्यात पिछले माह 17.1 प्रतिशत बढ़ा है। यह 13.9 करोड़ डॉलर की तुलना में 16.3 करोड़ डॉलर रहा। अप्रैल-अगस्त के दौरान भी इनके निर्यात में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 90.2 करोड़ डॉलर की तुलना में 92.4 करोड़ डॉलर हो गया।

काजूः निर्यात में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। अगस्त में इसका निर्यात 2.6 करोड़ डॉलर से 3.6 प्रतिशत बढ़कर 2.7 करोड़ डॉलर और अप्रैल-अगस्त में 10.9 करोड़ डॉलर से 1.5 प्रतिशत बढ़कर 11.1 करोड़ डॉलर हुआ है।

मसाले, फल-सब्जी, ऑयल मील निर्यात में गिरावट

मसालेः अगस्त में मसालों के निर्यात में 13.3 प्रतिशत गिरावट आई है। यह 33.3 करोड़ डॉलर के मुकाबले 28.9 करोड़ डॉलर रह गया। अप्रैल से अगस्त के दौरान भी इनका निर्यात घटा है। यह 183.2 करोड़ डॉलर से घटकर 169.6 करोड़ डॉलर रह गया है।

फल एवं सब्जीः इनके निर्यात में न सिर्फ अगस्त में बल्कि अप्रैल-अगस्त अवधि में भी गिरावट आई है। पिछले माह इनका निर्यात 31.2 करोड़ डॉलर से 11.4 प्रतिशत गिरावट के साथ 27.6 करोड़ डॉलर रह गया। अप्रैल-अगस्त के दौरान भी इनका निर्यात 156.1 करोड़ डॉलर की तुलना में 10.3 प्रतिशत घटकर 140 करोड़ डॉलर रह गया।

तिलहनः इनके निर्यात में पिछले महीने 16.7 प्रतिशत गिरावट आई। यह 10.4 करोड़ डॉलर से घटकर 8.6 करोड़ डॉलर रह गया। अप्रैल-अगस्त के दौरान भी इसका निर्यात 56.1 करोड़ डॉलर से 18.9 प्रतिशत घटकर 45.4 करोड़ डॉलर रह गया।

ऑयल मीलः इनके निर्यात में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। अगस्त में इसका निर्यात 9.9 करोड़ डॉलर से 48 प्रतिशत गिरकर सिर्फ 5.1 करोड़ डॉलर रह गया। अप्रैल-अगस्त के दौरान इसके निर्यात में 21 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई। पिछले साल के 47.4 करोड़ डॉलर की तुलना में इस वर्ष अभी तक 37.5 करोड़ डॉलर का निर्यात हुआ है।

चायः इसके निर्यात में अगस्त में 12.5 प्रतिशत और अप्रैल-अगस्त में 15.6 प्रतिशत गिरावट आई है। पिछले महीने सिर्फ 9.4 करोड़ डॉलर की चाय का निर्यात हुआ, जबकि पिछले साल इसी महीने 10.7 करोड़ डॉलर की चाय निर्यात की गई थी। अप्रैल-अगस्त के दौरान निर्यात 42.1 करोड़ डॉलर के मुकाबले 35.5 करोड़ डॉलर रहा है।

अगस्त में देश से कुल 43.81 अरब डॉलर का निर्यात हुआ है। यह अगस्त 2025 के 34.73 अरब डॉलर से 26.1 प्रतिशत अधिक है। अप्रैल-अगस्त के दौरान निर्यात पिछले साल के 183.21 अरब डॉलर से 17.8 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब डॉलर हुआ है।

इन कृषि उत्पादों के आयात में हुई बढ़ोतरी

खाद्य तेलः खाद्य तेलों का आयात अगस्त में नहीं बढ़ा, लेकिन अप्रैल-अगस्त के दौरान इसमें इजाफा हुआ है। खाद्य तेलों का आयात 202.7 करोड़ डॉलर का रहा, जो अगस्त 2025 के बराबर है। हालांकि अप्रैल-अगस्त के दौरान इनका आयात 825 करोड़ डॉलर से 11.3 प्रतिशत बढ़कर 918 करोड़ डॉलर हो गया।

फल-सब्जियांः इनके आयात में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। अगस्त में इनका आयात 26.4 करोड़ डॉलर से 33.9 प्रतिशत बढ़कर 35.4 करोड़ डॉलर हो गया। अप्रैल-अगस्त के दौरान भी इनका आयात 30.5 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 175.2 करोड़ डॉलर हो गया।

दालेंः इनके आयात में वृद्धि दर और अधिक रही है। अगस्त में इनका आयात 11.5 करोड़ डॉलर से 77 प्रतिशत बढ़कर 20.3 करोड़ डॉलर पहुंच गया। अप्रैल-अगस्त के दौरान भी इनका आयात 84.1 करोड़ डॉलर से 38.5 प्रतिशत वृद्धि के साथ 116.5 करोड़ डॉलर हो गया।

उर्वरकः इनके आयात में अगस्त में 13.6 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई और यह 166 करोड़ डॉलर से बढ़कर 188.6 करोड़ डॉलर हो गया। अप्रैल-अगस्त के दौरान देश में 820.6 करोड़ डॉलर के उर्वरकों का आयात हुआ है। यह पिछले साल की समान अवधि के 535.5 करोड़ डॉलर से 53.2 प्रतिशत अधिक है।